जापान में फिर लगे भूकंप के झटके, 5.8 रही तीव्रता; सुनामी का खतरा नहीं
जापान में फिर आया 5.8 तीव्रता का भूकंप, आओमोरी के पास कांपी धरती; सुनामी का खतरा नहीं

नई दिल्ली। जापान में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक उत्तरी जापान के आओमोरी प्रीफेक्चर के तट के पास 5.8 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के बाद लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा, लेकिन राहत की बात यह है कि सुनामी की चेतावनी या एडवाइजरी जारी नहीं की गई।

आओमोरी के पास आया 5.8 तीव्रता का भूकंप
रिपोर्ट्स के अनुसार शनिवार को उत्तरी जापान के आओमोरी प्रीफेक्चर के समुद्री क्षेत्र में 5.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। जापान में भूकंप आना असामान्य नहीं है, लेकिन लगातार भूकंपीय गतिविधियों के बीच नए झटके लोगों की चिंता बढ़ा देते हैं।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) भूकंप के बाद प्रभावित क्षेत्रों में कंपन और संभावित आफ्टरशॉक की निगरानी करती है। भूकंप की तीव्रता के साथ-साथ कहां और कितनी गहराई पर झटका आया, यह नुकसान और सुनामी के जोखिम का आकलन करने में महत्वपूर्ण होता है।
सुनामी का खतरा नहीं
इस भूकंप से जुड़ी सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक भूकंप के बाद सुनामी को लेकर कोई चेतावनी नहीं दी गई।
जापान में भूकंप के बाद सुनामी के खतरे का आकलन JMA द्वारा किया जाता है। समुद्र के भीतर आने वाले भूकंपों के मामले में एजेंसी भूकंप की तीव्रता, गहराई और समुद्र तल में संभावित बदलाव के आधार पर चेतावनी या एडवाइजरी जारी करती है।
जापान में लगातार भूकंपीय गतिविधि क्यों चिंता बढ़ाती है?
जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप-संवेदनशील देशों में शामिल है। देश कई सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाओं के आसपास स्थित है, जिसकी वजह से यहां छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं।
हाल के महीनों में भी जापान के अलग-अलग हिस्सों में कई भूकंप दर्ज किए गए हैं। जून में इवाते के तट के पास भी मजबूत भूकंप आया था और जुलाई में कुमामोटो क्षेत्र में बड़ा भूकंप दर्ज किया गया था।
कुछ दिन पहले भी आया था बड़ा भूकंप
जापान में हालिया भूकंपीय गतिविधियों के बीच 28 जुलाई 2026 को कुमामोटो क्षेत्र में एक शक्तिशाली भूकंप आया था। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक उस घटना में अधिकतम जापानी भूकंपीय तीव्रता 7 दर्ज की गई थी। उस समय कुछ क्षेत्रों के लिए सुनामी एडवाइजरी भी जारी की गई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया।
इसके मुकाबले मौजूदा 5.8 तीव्रता का भूकंप काफी कम शक्तिशाली है और फिलहाल सुनामी को लेकर कोई चेतावनी नहीं है।
भूकंप के बाद आफ्टरशॉक का खतरा
भूकंप के बाद उसी क्षेत्र में छोटे झटके यानी आफ्टरशॉक महसूस हो सकते हैं। हालांकि हर आफ्टरशॉक खतरनाक हो, यह जरूरी नहीं है।
भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और मौसम एजेंसियां लगातार निगरानी करती हैं। लोगों को किसी भी आधिकारिक चेतावनी की स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
जापान की भूकंप तैयारी दुनिया में सबसे मजबूत
जापान ने लंबे समय से भूकंप से निपटने के लिए मजबूत आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित की है। इमारतों के निर्माण में भूकंपरोधी तकनीक, शुरुआती चेतावनी प्रणाली और नियमित आपदा अभ्यास इसके महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
जापान में Earthquake Early Warning सिस्टम भूकंपीय तरंगों का पता लगाकर संभावित तेज झटकों से पहले लोगों और संस्थानों को चेतावनी देने में मदद करता है।
लोगों के लिए क्या है जरूरी?
भूकंप के दौरान और उसके बाद लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:
- घबराकर तुरंत सीढ़ियों या लिफ्ट की तरफ न भागें।
- मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे सुरक्षित स्थान लें।
- खिड़कियों और भारी सामान से दूर रहें।
- गैस और बिजली की स्थिति की जांच करें।
- समुद्र के किनारे हों तो स्थानीय प्रशासन की सुनामी एडवाइजरी पर नजर रखें।
- आफ्टरशॉक की संभावना को देखते हुए क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहें।
निष्कर्ष
जापान के आओमोरी क्षेत्र के पास 5.8 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर देश में भूकंपीय गतिविधियों को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
हालांकि जापान जैसे भूकंप-संवेदनशील देश में किसी भी नए झटके के बाद स्थिति पर निगरानी रखना जरूरी होता है। स्थानीय प्रशासन और जापान मौसम विज्ञान एजेंसी की ओर से जारी अपडेट को ही सबसे विश्वसनीय माना जाना चाहिए।

