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UPI MDR Petrol Pump: ₹2000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर नया नियम, पेट्रोल पंपों पर कैश की तैयारी; जानें पूरा मामला

₹2000 से ज्यादा पेमेंट पर नया नियम, पेट्रोल पंपों पर कैश की तैयारी

देश में डिजिटल पेमेंट को लेकर एक बड़ा बदलाव 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के नए MDR ढांचे के तहत ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर शुल्क लगेगा। सामान्य मर्चेंट कैटेगरी में यह शुल्क 0.4% है, लेकिन फ्यूल जैसे सेक्टर के लिए ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर फ्लैट ₹5 MDR निर्धारित किया गया है।

पेट्रोल पंपों पर क्यों बढ़ी चिंता?

नए MDR नियम को लेकर पेट्रोल पंप डीलरों के बीच विरोध सामने आया है। मुंबई समेत कुछ जगहों के पेट्रोल पंप संचालकों ने कहा है कि यदि उन्हें हर बड़े UPI फ्यूल पेमेंट पर MDR का बोझ उठाना पड़ा तो वे ₹2,000 या उससे अधिक के UPI भुगतान स्वीकार करने के बजाय कैश भुगतान की ओर जा सकते हैं। डीलरों का कहना है कि फ्यूल कारोबार में मार्जिन सीमित होता है, इसलिए अतिरिक्त लेनदेन लागत उनके लिए चिंता का विषय है।

मुंबई पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि डीलर डिजिटल भुगतान के खिलाफ नहीं हैं। उनके मुताबिक UPI के कारण पहले की तुलना में बड़ी मात्रा में कैश संभालने, गिनने और बैंक तक पहुंचाने की परेशानी तथा सुरक्षा जोखिम कम हुए हैं। डीलरों की मांग है कि MDR का खर्च तेल मार्केटिंग कंपनियां उठाएं।

₹2,000 से ऊपर पेट्रोल भराने पर क्या होगा?

नए ढांचे में फ्यूल पेमेंट को सामान्य 0.4% MDR कैटेगरी से अलग रखा गया है। ₹2,000 से अधिक के पात्र फ्यूल UPI भुगतान पर ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा, जबकि ₹2,000 तक के फ्यूल भुगतान पर MDR नहीं लगेगा।

उदाहरण के तौर पर अगर कोई ग्राहक पेट्रोल या डीजल के लिए ₹3,000 का UPI भुगतान करता है, तो फ्यूल कैटेगरी में संबंधित मर्चेंट के लिए MDR ₹5 होगा। यह सामान्य 0.4% नियम के हिसाब से ₹12 नहीं होगा।

ग्राहक को सीधे ₹5 देने होंगे?

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि MDR ग्राहक से लिया जाने वाला UPI ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं है। मौजूदा नियमों के अनुसार MDR का भुगतान मर्चेंट साइड पर होगा और ग्राहकों से इसे अलग से वसूलने की अनुमति नहीं है। यानी ग्राहक द्वारा UPI से भुगतान करने पर उसे केवल इस MDR की वजह से अतिरिक्त ₹5 नहीं देना चाहिए।

हालांकि, पेट्रोल पंप डीलरों के विरोध के चलते कुछ स्थानों पर बड़े UPI भुगतान को स्वीकार करने के बजाय कैश लेने की अपील या चेतावनी सामने आई है। इसलिए वास्तविक परेशानी शुल्क ग्राहक पर पड़ने से ज्यादा पेमेंट का तरीका बदलने को लेकर हो सकती है।

सामान्य दुकानदारों के लिए 0.4% MDR

सामान्य पात्र P2M UPI लेनदेन में ₹2,000 से अधिक की राशि पर 0.4% MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है। उदाहरण के लिए ₹3,000 के पात्र सामान्य मर्चेंट भुगतान पर MDR ₹12 और ₹50,000 पर ₹200 होगा।

वहीं, Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांसफर यानी किसी व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति द्वारा भेजे गए पैसे इस MDR के दायरे में नहीं आते। परिवार या दोस्तों को पैसे भेजना पहले की तरह बिना MDR के जारी रहेगा।

छोटे दुकानदारों को भी राहत

नए ढांचे में छोटे कारोबारियों के लिए भी छूट का प्रावधान है। UPI QR के जरिए महीने में ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले पात्र छोटे P2PM मर्चेंट MDR से बाहर रहेंगे। इसके अलावा सामान्य P2M लेनदेन में ₹2,000 तक के भुगतान पर MDR नहीं लगेगा।

सरकार और NPCI का कहना है कि नई व्यवस्था से मिलने वाला MDR UPI इकोसिस्टम के इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी, इनोवेशन और ग्राहक सेवा को मजबूत करने में इस्तेमाल किया जाएगा।

क्या UPI से कैश की ओर लौटेंगे लोग?

MDR लागू होने की घोषणा के बाद कुछ पेट्रोल पंप और व्यापारी संगठनों ने कैश की ओर लौटने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, RBI के डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू ने कहा है कि नए शुल्क से बड़े पैमाने पर कैश की ओर वापसी की उम्मीद नहीं है।

फिलहाल 15 अक्टूबर से नियम लागू होने के बाद ही साफ होगा कि पेट्रोल पंपों और अन्य मर्चेंट आउटलेट्स पर इसका व्यवहारिक असर कितना पड़ता है। खास तौर पर फ्यूल सेक्टर में डीलरों और तेल कंपनियों के बीच MDR का खर्च कौन वहन करेगा, इस मुद्दे पर भी नजर बनी हुई है।

15 अक्टूबर से UPI को लेकर याद रखें ये बातें

  • ₹2,000 तक: सामान्य P2M UPI भुगतान पर MDR नहीं।
  • ₹2,000 से ऊपर सामान्य मर्चेंट: 0.4% MDR।
  • फ्यूल/पेट्रोल पंप: ₹2,000 से ऊपर पात्र भुगतान पर ₹5 फ्लैट MDR।
  • ₹75,000+ सामान्य पात्र भुगतान: MDR अधिकतम ₹300।
  • P2P ट्रांसफर: MDR नहीं।
  • ग्राहक: UPI इस्तेमाल करने के लिए अलग से MDR नहीं देगा।
  • लागू होने की तारीख: 15 अक्टूबर 2026।

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