Asian Games 2026: तजिंदरपाल सिंह तूर की जगह पवन सहरावत बने भारत के ध्वजवाहक, किट नहीं पहुंचने से हुआ बदलाव
तजिंदरपाल तूर की जगह पवन सहरावत बने ध्वजवाहक, किट नहीं पहुंचने से बदला नाम

जापान के आइची-नागोया में शुरू हुए 2026 एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी से पहले भारतीय दल में आखिरी समय पर बड़ा बदलाव देखने को मिला। शॉटपुट स्टार तजिंदरपाल सिंह तूर को पहले महिला निशानेबाज मनु भाकर के साथ भारत का ध्वजवाहक बनाया गया था, लेकिन उनकी आधिकारिक सेरेमोनियल किट समय पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद कबड्डी स्टार पवन सहरावत को तूर की जगह पुरुष ध्वजवाहक बनाया गया।

तजिंदरपाल तूर क्यों नहीं बन पाए ध्वजवाहक?
रिपोर्ट के मुताबिक, तजिंदरपाल सिंह तूर की आधिकारिक किट समय पर उनके पास नहीं पहुंच सकी। तूर ने बताया कि उन्हें जानकारी दी गई थी कि उनकी किट नागोया एयरपोर्ट पर दोपहर करीब 3 बजे पहुंचेगी। इसके बाद एयरपोर्ट से किट लेकर उद्घाटन समारोह के स्थल तक समय पर पहुंचना मुश्किल था।
तूर के मुताबिक, उनकी किट अभी भारत में थी और एथलेटिक्स टीम के अन्य सदस्यों को भी उस समय तक उनकी किट नहीं मिली थी। इसी वजह से उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को बताया कि वह उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे।
पवन सहरावत ने संभाली जिम्मेदारी
तूर के हटने के बाद पवन सहरावत को भारत का पुरुष ध्वजवाहक बनाया गया। वह अब निशानेबाज मनु भाकर के साथ भारतीय दल का नेतृत्व करते नजर आए।
पवन सहरावत भारतीय कबड्डी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और पिछले एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा रहे थे। ऐसे में उनके लिए एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में तिरंगा थामना एक अहम जिम्मेदारी रही।
मनु भाकर के साथ पवन सहरावत ने थामा तिरंगा
महिला ध्वजवाहक के तौर पर मनु भाकर की भूमिका में कोई बदलाव नहीं किया गया। पवन सहरावत के साथ उन्होंने उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की अगुवाई की।
19 सितंबर को नागोया में आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय दल की एथलीट्स परेड में तिरंगा थामा। Reuters की तस्वीरों में भी मनु भाकर और पवन सहरावत को भारतीय खिलाड़ियों का नेतृत्व करते हुए देखा गया।
तूर की भूमिका फिर भी अहम
ध्वजवाहक की जिम्मेदारी से हटने का मतलब यह नहीं है कि तजिंदरपाल सिंह तूर एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे। उनका मुख्य लक्ष्य शॉटपुट स्पर्धा में भारत के लिए पदक जीतना है।
तूर इससे पहले एशियन गेम्स में दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और 2026 में भी वह भारतीय एथलेटिक्स टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय एथलेटिक्स दल उस समय जापान के सुकुबा में अनुकूलन शिविर में था और बाद में नागोया पहुंचने वाला था।
आखिरी समय में हुआ बदलाव
भारतीय ओलंपिक संघ ने तूर के स्थान पर पवन सहरावत को ध्वजवाहक बनाए जाने की पुष्टि करते हुए इसे तकनीकी समस्या से जुड़ा बदलाव बताया। मीडिया रिपोर्टों में तूर की सेरेमोनियल किट की देरी को इसकी वजह बताया गया है।
तूर ने यह भी कहा कि उन्हें ध्वजवाहक बनाए जाने की जानकारी समारोह से सिर्फ एक दिन पहले मिली थी। उनका कहना था कि अगर उन्हें पहले जानकारी मिलती तो उनके कोच, जो जापान पहुंच चुके थे, किट से जुड़ी व्यवस्था में मदद कर सकते थे।
एशियन गेम्स 2026 में भारत की नजर पदकों पर
एशियन गेम्स 2026 में भारत के कई खिलाड़ियों से पदक की उम्मीदें हैं। उद्घाटन समारोह में मनु भाकर और पवन सहरावत ने भारतीय दल का नेतृत्व किया, जबकि तजिंदरपाल सिंह तूर आगे अपनी शॉटपुट स्पर्धा में भारत के लिए चुनौती पेश करेंगे।
इस तरह ओपनिंग सेरेमनी से पहले हुआ ध्वजवाहक का यह बदलाव भारतीय दल के लिए एक बड़ा आखिरी समय का अपडेट रहा, लेकिन प्रतियोगिता में तूर की भागीदारी और पदक अभियान पर इसका कोई सीधा असर नहीं है।


