सावन में रुद्राक्ष माला से कर रहे हैं मंत्र जाप? तो भूलकर भी न करें ये गलतियां

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन का महीना अधिक शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पवित्र महीने में महादेव का रुद्राभिषेक करने से जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है और महादेव की कृपा से बिगड़े काम पूरे होते हैं। इस माह में रुद्राक्ष की माला से मंत्र जप करना अधिक फलदायी माना जाता है, क्योंकि रुद्राक्ष को भगवान शिव का अंश माना जाता है।
इसलिए रुद्राक्ष माला से जप करने से साधक को शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। जप के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है। नियम का पालन न करने से शुभ फल प्राप्त नहीं होता है और महादेव की कृपा नहीं बरसती। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं कि रुद्राक्ष माला से जप के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
रुद्राक्ष की माला के जप के नियम
रुद्राक्ष की माला से जप करने से पहले स्नान जरूर करना चाहिए और सूर्य देव को अर्घ्य दें।
माला से जप करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।
पूजा के दौरान भूलकर भी जमीन पर नहीं बैठना चाहिए। बैठने के लिए किसी आसन का प्रयोग करना चाहिए।
रुद्राक्ष की माला फेरते समय अंगूठे और मध्यमा उंगली का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
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जप के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां
जप करते समय एक बात का ध्यान रखें कि माला तर्जनी उंगली से स्पर्श नहीं होनी चाहिए।
जप करने के बाद माला को किसी पवित्र स्थान पर रखें। भूलकर भी जमीन पर नहीं रखनी चाहिए।
इसके अलावा माला का रुद्राक्ष टूटा या चटका हुआ नहीं होना चाहिए। अगर माला खंडित है, तो उसे किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर दें।
जिस माला के द्वारा आप भगवान शिव के नाम का जप करते हैं, तो उस माला को किसी अन्य व्यक्ति को न दें।
जिस माला को आपने गले में धारण किया हुआ है, तो उस माला के द्वारा जप नहीं करना चाहिए। दोनों माला अलग-अलग नहीं होनी चाहिए।
माला जप करने वाला व्यक्ति को तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
रुद्राक्ष की माला को गंदे हाथों से और बिना स्नान किए भूलकर भी नहीं छूना चाहिए।
धर्मिक मान्यता के अनुसार, सच्चे मन और इन नियमों के पालन करने से रुद्राक्ष की माला से जप करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और शुभ फल प्राप्त होता है।




