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मानसून में बच्चा स्कूल से लौटे तो जरूर करवाएं ये 6 काम, मौसमी बीमारियों से रहेगा सुरक्षित

Monsoon Child Care Tips: मानसून में स्कूल से लौटते ही बच्चों से जरूर करवाएं ये 6 काम, बीमारियों से रहेंगे दूर

बारिश का मौसम बच्चों के लिए जितना सुहावना होता है, उतना ही संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्कूल आने-जाने के दौरान भीगना, गंदे पानी के संपर्क में आना और लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहना बच्चों की सेहत पर असर डाल सकता है। ऐसे में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि माता-पिता कुछ आसान लेकिन जरूरी आदतें अपनाकर बच्चों को वायरल, सर्दी-जुकाम, फंगल इंफेक्शन और अन्य मौसमी बीमारियों से बचा सकते हैं।

अगर आपका बच्चा मानसून में स्कूल से लौटकर घर आता है, तो नीचे बताए गए 6 काम जरूर करवाएं।


1. सबसे पहले हाथ-पैर अच्छी तरह धुलवाएं

स्कूल से आने के बाद बच्चे के हाथ, पैर और चेहरा साफ पानी और साबुन से धुलवाएं। इससे धूल, बैक्टीरिया और वायरस का खतरा काफी कम हो जाता है। बच्चों को कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोने की आदत जरूर सिखाएं।


2. गीले कपड़े तुरंत बदलवाएं

अगर बच्चा बारिश में भीग गया है या उसके कपड़े नम हैं, तो उन्हें तुरंत बदल दें। लंबे समय तक गीले कपड़े पहनने से सर्दी-जुकाम, फंगल इंफेक्शन और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।


3. गुनगुना पानी या हेल्दी ड्रिंक दें

स्कूल से आने के बाद बच्चे को ठंडे पेय की बजाय गुनगुना पानी, हल्का सूप, दूध या कोई पौष्टिक पेय दें। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनी रहती है।


4. जूते और मोजे अच्छी तरह सुखाएं

बारिश में भीगे जूते और मोजे बैक्टीरिया और फंगस के पनपने की जगह बन सकते हैं। बच्चे के जूते और मोजे तुरंत सुखाएं और अगले दिन सूखे व साफ जूते ही पहनाएं।


5. पौष्टिक और गर्म खाना खिलाएं

मानसून में बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए उन्हें ताजा, घर का बना और गर्म भोजन दें। हरी सब्जियां, दाल, मौसमी फल और विटामिन-सी से भरपूर चीजें डाइट में शामिल करें। बाहर का खुला और अस्वच्छ भोजन खाने से बचाएं।


6. बुखार या एलर्जी के लक्षणों पर नजर रखें

यदि बच्चे को लगातार छींक, खांसी, बुखार, त्वचा पर लाल चकत्ते या थकान महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।


मानसून में बच्चों को किन बीमारियों का खतरा रहता है?

बारिश के मौसम में बच्चों में कई तरह के संक्रमण तेजी से फैल सकते हैं, जैसे—

  • वायरल फीवर
  • सर्दी-जुकाम
  • डेंगू
  • मलेरिया
  • फंगल इंफेक्शन
  • पेट का संक्रमण
  • एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याएं

इसलिए इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।


बच्चों की इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं?

  • पर्याप्त नींद दिलाएं।
  • रोज ताजे फल और सब्जियां खिलाएं।
  • साफ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिलाएं।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि करवाएं।
  • जंक फूड और ठंडे पेय सीमित करें।

माता-पिता के लिए जरूरी सलाह

  • बच्चे का स्कूल बैग और टिफिन रोज साफ करें।
  • रेनकोट और छाता इस्तेमाल करने की आदत डालें।
  • गीले जूते-मोजे दोबारा बिना सुखाए न पहनने दें।
  • स्कूल से लौटने के बाद बच्चे को थोड़ी देर आराम करने दें।
  • यदि बच्चा बार-बार बीमार पड़ रहा है, तो डॉक्टर से परामर्श लें।

निष्कर्ष

मानसून में बच्चों की देखभाल में थोड़ी-सी अतिरिक्त सावधानी उन्हें कई मौसमी बीमारियों से बचा सकती है। स्कूल से लौटने के बाद हाथ-पैर धुलवाना, गीले कपड़े बदलवाना, पौष्टिक भोजन देना और किसी भी बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। स्वस्थ आदतें अपनाकर बच्चे पूरे मानसून सीजन में सुरक्षित और स्वस्थ रह सकते हैं।

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