Punjabi Community : CJP को दिलजीत का करारा जवाब, अभिजीत दिपके भी नहीं रहे चुप!
दिलजीत दोसांझ का CJP पर बड़ा पलटवार, बोले- पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ, अभिजीत दिपके ने भी दिया जवाब

नई दिल्ली: पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। दिल्ली में आयोजित अपने कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने अपनी आलोचना करने वालों को ऐसा जवाब दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि पंजाबियों को यह सिखाने की जरूरत नहीं है कि लड़ाइयां कैसे लड़ी जाती हैं। उनके इस बयान को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
दरअसल, 30 अक्टूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ ने अपने ‘ऑरा इंडिया टूर 2026’ की शुरुआत की। इस दौरान हजारों की संख्या में प्रशंसक अपने पसंदीदा कलाकार को सुनने पहुंचे थे। दिलजीत ने अपने लोकप्रिय गानों से दर्शकों का मनोरंजन किया, लेकिन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक ऐसा मुद्दा भी उठाया, जिसने उनके प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया।
दिल्ली कॉन्सर्ट में दिलजीत ने क्या कहा?
कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने अपनी चुप्पी और कलाकार होने की पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि वह सभी लोगों से प्यार करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक कलाकार हूं और आप सभी से प्यार करता हूं। भाई, मैं चुप हूं तो मुझे चुप ही रहने दो। मैं आप सभी का समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि लड़ाइयां कैसे लड़ी जाती हैं।”
दिलजीत के इस बयान को उनके पुराने ‘मैं एक कलाकार हूं’ वाले कमेंट से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने मंच से किसी व्यक्ति या संगठन का सीधे नाम नहीं लिया। उनके बयान में पंजाबियों की संघर्षशील पहचान और अपने तरीके से मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने की बात साफ नजर आई।
आखिर क्या है CJP और दिलजीत के बीच विवाद?
इस पूरे मामले की शुरुआत उस समय हुई थी, जब दिल्ली में CJP की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान दिलजीत से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर उनकी राय को लेकर सवाल उठे थे। बताया जाता है कि उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें विरोध प्रदर्शनों से दूर रखा जाए, क्योंकि वह एक कलाकार हैं, राजनेता नहीं।
उनके इस रुख पर CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने नाराजगी जताई थी। दिपके का कहना था कि जब कोई कलाकार सामाजिक मुद्दों से जुड़ी फिल्मों और विषयों का हिस्सा बनता है, तो उससे सार्वजनिक मुद्दों पर भी स्पष्ट रुख की उम्मीद की जाती है।
फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर भी उठाया गया था सवाल
विवाद का एक बड़ा हिस्सा दिलजीत की फिल्म ‘सतलुज’ से भी जुड़ा है। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके कामों पर आधारित है। इस विषय को लेकर फिल्म को लंबे समय तक मुश्किलों और विवादों का सामना करना पड़ा।
अभिजीत दिपके ने CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिलजीत की फिल्म को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने मंच से कहा था कि कलाकारों को अपनी फिल्मों पर रोक या प्रतिबंध का सामना करना पड़ने पर विरोध में शामिल होना पड़ता है। उनकी यह टिप्पणी दिलजीत के पुराने बयान से जोड़कर देखी गई थी।
दिलजीत ने दिल्ली के मंच से इसी विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि जिस फिल्म का कुछ लोगों ने मजाक उड़ाया, उसके लिए उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी के नफरत करने से उनके मन में लोगों के प्रति प्यार कम नहीं होता।
अभिजीत दिपके ने दिलजीत को दिया जवाब
दिलजीत के बयान के बाद अभिजीत दिपके की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर गायक के प्रति अपना सम्मान जाहिर किया। दिपके ने कहा कि वह दिलजीत के प्रशंसक रहे हैं और उनके संगीत के साथ-साथ उनकी उपलब्धियों की भी सराहना करते हैं।
उन्होंने लिखा कि दिलजीत ने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है। उनकी हिम्मत और अपनी पहचान के प्रति ईमानदारी की वह हमेशा तारीफ करते रहे हैं। हालांकि, पुराने बयान से उन्हें थोड़ी निराशा हुई थी, लेकिन एक असहमति से उनके मन में दिलजीत के लिए सम्मान कम नहीं हुआ है।
दिपके ने अपने संदेश में ‘छोटा भाई समझकर मिट्टी पाओ’ कहकर मामले को आगे न बढ़ाने का भाव भी व्यक्त किया।
सोशल मीडिया पर चर्चा में आया मामला

दिल्ली कॉन्सर्ट के बाद दिलजीत का बयान और अभिजीत दिपके की प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बन गए हैं। एक तरफ दिलजीत के प्रशंसक उनके बेबाक अंदाज और पंजाबी पहचान से जुड़े बयान की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कलाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी और राजनीतिक मुद्दों पर उनकी भूमिका को लेकर बहस जारी है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिलजीत दोसांझ को सुर्खियों में ला दिया है। खास बात यह है कि जहां मंच से दिलजीत ने अपनी बात रखी, वहीं अभिजीत दिपके ने भी जवाब देते हुए व्यक्तिगत सम्मान बनाए रखने का संदेश दिया।
