Heart Attack News :रघुबीर यादव की हालत बिगड़ी, फिर भी शूटिंग पर पहुंचने का फैसला क्यों?
शूटिंग से एक रात पहले आया हार्ट अटैक, फिर भी रघुबीर यादव के सीन ने सबको चौंकाया

बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया में कई कलाकार अपने अभिनय से ऐसे किरदार गढ़ते हैं, जो लंबे समय तक दर्शकों के जेहन में बने रहते हैं। दिग्गज अभिनेता रघुबीर यादव भी अपनी दमदार अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उनकी वेब सीरीज ‘हुंकार: द रोर’ से जुड़ा एक ऐसा किस्सा सामने आया है, जिसने दर्शकों का ध्यान खींचा है। निर्देशक करण कपाड़िया ने खुलासा किया कि एक अहम कोर्टरूम सीन की शूटिंग से ठीक एक रात पहले रघुबीर यादव को हार्ट अटैक आया था। इस घटना ने सीरीज के उस महत्वपूर्ण दृश्य के पीछे की कहानी को और भी गंभीर बना दिया है।
शूटिंग से पहले बिगड़ी थी रघुबीर यादव की तबीयत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक करण कपाड़िया और रघुबीर यादव ने एक विशेष बातचीत के दौरान सीरीज के एक महत्वपूर्ण दृश्य की शूटिंग से जुड़े अनुभव साझा किए। इसी दौरान करण ने बताया कि जिस कोर्टरूम सीन की शूटिंग अगले दिन होनी थी, उससे एक रात पहले अभिनेता को हार्ट अटैक आया था।
यह खुलासा इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि संबंधित दृश्य कहानी के सबसे भावनात्मक और महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। इसमें रघुबीर यादव के किरदार ‘बापजी’ को एक गंभीर स्वीकारोक्ति करते हुए दिखाया गया है। इस दृश्य में किरदार के भीतर चल रहे संघर्ष, पछतावे और भावनात्मक दबाव को पर्दे पर उतारना अभिनय की बड़ी चुनौती थी।
हालांकि, सामने आई जानकारी से यह स्पष्ट नहीं होता कि घटना के बाद उनकी शूटिंग पर लौटने की चिकित्सकीय परिस्थितियां क्या थीं। इसलिए उनकी सेहत और काम पर लौटने से जुड़े विवरणों को सावधानी से समझना जरूरी है।
किरदार में उतरकर अभिनय करना आसान नहीं था
रघुबीर यादव ने बातचीत के दौरान बताया कि इस दृश्य के लिए उन्होंने भावनाओं को जबरन पैदा करने की कोशिश नहीं की। उनके मुताबिक, किरदार की परिस्थितियों और उसके अनुभवों से जुड़ी भावनाएं स्वाभाविक रूप से सामने आईं।
उन्होंने अपने अनुभव को हल्के-फुल्के अंदाज में भी बयान किया। बातचीत के दौरान उनकी टिप्पणी ने यह दिखाया कि कलाकार कई बार बेहद गंभीर अनुभवों को भी अपने खास अंदाज में व्यक्त करते हैं।
रघुबीर यादव का अभिनय लंबे समय से अपनी स्वाभाविकता और गहराई के लिए पहचाना जाता है। ‘हुंकार’ में उनका किरदार भी इसी वजह से चर्चा में है। इस भूमिका में उन्हें एक ऐसे व्यक्ति का चरित्र निभाना है, जिसके व्यवहार और स्वीकारोक्ति के पीछे कई जटिल भावनाएं छिपी हुई हैं।
करण कपाड़िया ने बताया कैसे फिल्माया गया कोर्टरूम सीन
निर्देशक करण कपाड़िया ने बताया कि इस दृश्य को फिल्माते समय कैमरे की स्थिति और कलाकारों के चेहरे के भावों पर विशेष ध्यान दिया गया। उनका उद्देश्य केवल बापजी की प्रतिक्रिया दिखाना नहीं था, बल्कि अदालत में मौजूद दूसरे लोगों पर उस स्वीकारोक्ति के प्रभाव को भी सामने लाना था।
सीन की शुरुआत में कैमरा रघुबीर यादव के चेहरे और भावनाओं के करीब रहता है। इसके बाद धीरे-धीरे फ्रेम को व्यापक किया जाता है, ताकि वकीलों, पुलिस अधिकारियों और जज सहित अन्य लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दिखाई दे सकें।
इस दृश्य का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा मीनू रावत की गवाही है। कहानी में 17 वर्षीय मीनू एक प्रभावशाली धार्मिक व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाती है। उसकी गवाही केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि कहानी की भावनात्मक धुरी भी है।
निर्देशक के मुताबिक, इस हिस्से को फिल्माते समय कैमरे को स्थिर और कलाकार के चेहरे के करीब रखने का फैसला किया गया, ताकि दर्शक संवादों और भावनाओं पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
क्या है ‘हुंकार: द रोर’ की कहानी?

‘हुंकार: द रोर’ एक कोर्टरूम ड्रामा और सामाजिक थ्रिलर है। इसकी कहानी मीनू रावत के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक प्रभावशाली धार्मिक व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाती है। इसके बाद जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सत्ता, आस्था और प्रभाव के बीच टकराव सामने आता है।
सीरीज में अनीत पड्डा मीनू रावत की भूमिका में हैं, जबकि फातिमा सना शेख पुलिस अधिकारी एसीपी जसलीन सिंह सोइन के किरदार में नजर आती हैं। रघुबीर यादव बापजी की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा मोहम्मद जीशान अय्यूब, राम कपूर और अर्जुन माथुर भी अहम भूमिकाओं में हैं।
करण डी. कपाड़िया और नित्या मेहरा द्वारा बनाई गई यह सीरीज 25 सितंबर 2026 को जियोहॉटस्टार पर रिलीज हुई थी।
रघुबीर यादव की सेहत से जुड़ा यह किस्सा सीरीज के एक महत्वपूर्ण दृश्य के निर्माण की कठिनाइयों को सामने लाता है। साथ ही, यह भी बताता है कि किसी प्रभावशाली अभिनय के पीछे कलाकार और निर्देशक को कितनी भावनात्मक तथा रचनात्मक चुनौतियों से गुजरना पड़ सकता है।
