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हाई कोलेस्ट्रॉल में नहीं खानी चाहिए ये 4 तरह की चीजें, शरीर में बढ़ सकता है प्लाक

हाई कोलेस्ट्रॉल में इन 4 चीजों से रहें दूर, बढ़ सकता है LDL और प्लाक का खतरा

Foods To Avoid In High Cholesterol: हाई कोलेस्ट्रॉल आज एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। खराब खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, बढ़ता वजन, धूम्रपान और कुछ आनुवंशिक कारणों की वजह से शरीर में LDL यानी ‘बैड’ कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है। जब LDL लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो यह रक्त वाहिकाओं की दीवारों में जमा होकर प्लाक बनने में योगदान दे सकता है। समय के साथ यह धमनियों को संकरा कर सकता है और हृदय रोग या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकता है।

ऐसे में अगर आपकी रिपोर्ट में LDL या कुल कोलेस्ट्रॉल ज्यादा आया है, तो दवाओं के साथ खानपान पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण हो सकता है। खासतौर पर ऐसे खाद्य पदार्थों की मात्रा कम करनी चाहिए जिनमें सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट अधिक होता है। National Heart, Lung, and Blood Institute (NHLBI) के अनुसार ज्यादा सैचुरेटेड फैट LDL को बढ़ा सकता है।

हालांकि, यह समझना भी जरूरी है कि हर व्यक्ति को बिल्कुल एक जैसी डाइट की जरूरत नहीं होती। 2026 की American Heart Association की नई dietary guidance में भी किसी एक खाद्य पदार्थ के बजाय पूरे heart-healthy dietary pattern पर जोर दिया गया है।

1. ज्यादा घी, मक्खन और फुल-फैट डेयरी

अगर आपका LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो खाने में घी और मक्खन की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसी तरह फुल-फैट दूध, क्रीम, चीज और आइसक्रीम जैसे डेयरी उत्पादों में भी सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक हो सकती है।

NHLBI के अनुसार फैटी मीट और हाई-फैट डेयरी उत्पाद सैचुरेटेड फैट के प्रमुख स्रोतों में शामिल हैं और इनका ज्यादा सेवन LDL को बढ़ा सकता है।

इसका मतलब यह नहीं कि दूध या सभी डेयरी उत्पाद पूरी तरह बंद कर देने चाहिए। कम वसा वाले या फैट-फ्री डेयरी विकल्पों को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प हो सकता है। AHA भी फुल-फैट डेयरी की जगह लो-फैट या नॉन-फैट डेयरी चुनने की सलाह देती है।

क्या चुनें?

  • लो-फैट या नॉन-फैट दूध
  • कम वसा वाला दही
  • सीमित मात्रा में चीज
  • घी और मक्खन की छोटी मात्रा

2. तला-भुना और फास्ट फूड

समोसा, कचौड़ी, पूरी, फ्रेंच फ्राइज, डीप-फ्राइड स्नैक्स और कई तरह के फास्ट फूड स्वादिष्ट जरूर लगते हैं, लेकिन इन्हें नियमित रूप से खाना दिल की सेहत के लिए अच्छा विकल्प नहीं माना जाता।

खासकर ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें सैचुरेटेड या ट्रांस फैट अधिक हो, LDL कोलेस्ट्रॉल के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। NHLBI के अनुसार व्यावसायिक रूप से तले हुए खाद्य पदार्थ और कुछ बेकरी उत्पाद ट्रांस फैट के स्रोत हो सकते हैं, खासकर जब हाइड्रोजनेटेड तेल का इस्तेमाल किया गया हो।

इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को बाहर के डीप-फ्राइड फूड की आदत कम करनी चाहिए।

बेहतर विकल्प: तले हुए स्नैक्स की जगह भुना हुआ चना, फल, बिना नमक वाले नट्स या घर में कम तेल से तैयार स्नैक्स लिए जा सकते हैं।

3. प्रोसेस्ड और फैटी मीट

सॉसेज, सलामी, बेकन जैसे प्रोसेस्ड मीट और ज्यादा फैट वाले लाल मांस को नियमित भोजन का हिस्सा बनाने से बचना बेहतर है।

फैटी मीट सैचुरेटेड फैट का महत्वपूर्ण स्रोत हो सकता है। AHA की 2026 dietary guidance में फैटी और प्रोसेस्ड मीट की जगह प्लांट-बेस्ड तथा लीन प्रोटीन स्रोतों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।

अगर आप नॉन-वेज खाते हैं तो बहुत ज्यादा चर्बी वाले मीट की जगह त्वचा रहित चिकन या मछली जैसे विकल्पों को प्राथमिकता दी जा सकती है। NHLBI की TLC diet भी मछली, त्वचा रहित पोल्ट्री और सीमित मात्रा में लीन मीट को बेहतर विकल्पों में रखती है।

4. पैकेज्ड बेकरी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड

कुकीज, केक, पेस्ट्री, डोनट्स, क्रीम वाले बिस्कुट और कुछ पैकेज्ड स्नैक्स में सैचुरेटेड फैट के साथ ट्रांस फैट भी हो सकता है। हालांकि आज कई देशों में ट्रांस फैट का इस्तेमाल पहले की तुलना में कम हुआ है, फिर भी पैकेज्ड फूड खरीदते समय nutrition label देखना जरूरी है।

NHLBI के अनुसार ट्रांस फैट LDL को बढ़ा सकता है और ऐसे खाद्य पदार्थों के उदाहरणों में कुछ बेकरी उत्पाद तथा हाइड्रोजनेटेड तेल से बने खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

AHA की 2026 guidance भी minimally processed foods को प्राथमिकता देने और ultra-processed foods का सेवन कम करने पर जोर देती है।

सिर्फ कोलेस्ट्रॉल वाला खाना बंद करना ही काफी नहीं

यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर लोग अक्सर केवल अंडे या किसी एक खाद्य पदार्थ को जिम्मेदार मान लेते हैं। लेकिन आधुनिक dietary guidance में पूरे खानपान के पैटर्न पर ज्यादा जोर दिया जाता है।

2026 की AHA guidance के मुताबिक ज्यादातर लोगों के लिए dietary cholesterol अब हृदय रोग के जोखिम को कम करने का प्राथमिक लक्ष्य नहीं है। इसके बजाय सैचुरेटेड फैट की जगह अनसैचुरेटेड फैट और स्वस्थ खाद्य पदार्थों को शामिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

इसलिए किसी एक चीज को देखकर पूरी डाइट तय करने के बजाय डॉक्टर या डाइटिशियन से अपनी रिपोर्ट के अनुसार सलाह लेना बेहतर है।

हाई कोलेस्ट्रॉल में क्या खाना चाहिए?

अगर LDL कोलेस्ट्रॉल ज्यादा है, तो सिर्फ नुकसानदायक चीजों को कम करना ही पर्याप्त नहीं है। डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थ भी शामिल करने चाहिए जो दिल के लिए बेहतर माने जाते हैं।

ओट्स और सॉल्यूबल फाइबर

ओट्स, जौ, बीन्स और कुछ फलों-सब्जियों में सॉल्यूबल फाइबर पाया जाता है। NHLBI के अनुसार सॉल्यूबल फाइबर आंतों से कोलेस्ट्रॉल और वसा के अवशोषण को कम करने में मदद कर सकता है।

फल और सब्जियां

फलों और सब्जियों में फाइबर, विटामिन, मिनरल और अन्य लाभकारी पोषक तत्व होते हैं। AHA की 2026 guidance में विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां खाने पर जोर दिया गया है।

दाल और बीन्स

राजमा, चना, मसूर, मूंग और अन्य legumes अच्छे प्लांट प्रोटीन और फाइबर के स्रोत हो सकते हैं। इन्हें नियमित भोजन में शामिल करना हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है।

नट्स और बीज

बिना नमक वाले बादाम, अखरोट और अन्य नट्स स्वस्थ वसा के स्रोत हो सकते हैं। लेकिन इनका सेवन भी उचित मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इनमें कैलोरी अधिक होती है।

स्वस्थ तेल

सैचुरेटेड फैट की जगह अनसैचुरेटेड फैट वाले वनस्पति तेलों का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। AHA की 2026 guidance भी सैचुरेटेड फैट के स्थान पर अनसैचुरेटेड फैट के स्रोत चुनने की सलाह देती है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए इन 5 आदतों पर भी ध्यान दें

1. रोजाना शारीरिक गतिविधि करें: नियमित व्यायाम हृदय स्वास्थ्य और वजन प्रबंधन में मदद कर सकता है।

2. वजन नियंत्रित रखें: अधिक वजन हाई कोलेस्ट्रॉल सहित कई हृदय जोखिम कारकों से जुड़ा है।

3. धूम्रपान से बचें: धूम्रपान HDL को प्रभावित कर सकता है और हृदय संबंधी जोखिम बढ़ाता है।

4. पैकेज्ड फूड के लेबल पढ़ें: सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट और अतिरिक्त शुगर की मात्रा पर नजर रखें।

5. डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लें: अगर डॉक्टर ने कोलेस्ट्रॉल की दवा लिखी है तो सिर्फ डाइट में बदलाव करके दवा बंद नहीं करनी चाहिए।

क्या सिर्फ डाइट से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल हो सकता है?

कुछ लोगों में खानपान और जीवनशैली में बदलाव से LDL में सुधार हो सकता है, लेकिन हर व्यक्ति में इसका असर समान नहीं होता। आनुवंशिक कारण, दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं और कुछ दवाएं भी कोलेस्ट्रॉल को प्रभावित कर सकती हैं।

अगर LDL काफी ज्यादा है या पहले से हृदय रोग का जोखिम है, तो डॉक्टर दवा की सलाह दे सकते हैं। ऐसे मामलों में डाइट और दवा दोनों मिलकर बेहतर परिणाम दे सकते हैं।

निष्कर्ष

हाई कोलेस्ट्रॉल में सबसे जरूरी बात यह है कि खाने में सैचुरेटेड और ट्रांस फैट की मात्रा कम की जाए और उनकी जगह फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और स्वस्थ असंतृप्त वसा जैसे विकल्पों को प्राथमिकता दी जाए।

घी-मक्खन और फुल-फैट डेयरी, डीप-फ्राइड फूड, फैटी/प्रोसेस्ड मीट और ट्रांस फैट वाले पैकेज्ड बेकरी उत्पादों का ज्यादा सेवन LDL कोलेस्ट्रॉल के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

याद रखें, एक-दो बार कोई चीज खाने से शरीर में तुरंत प्लाक नहीं बन जाता। एथेरोस्क्लेरोसिस एक लंबे समय में विकसित होने वाली प्रक्रिया है और इसके पीछे कई जोखिम कारक हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। अगर आपका LDL/कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा है, आपको हृदय रोग, डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी डाइट और दवाओं में बदलाव डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह से ही करें।

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