राजनीति

दतिया-बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा उलटफेर! कहीं BJP की बढ़त, तो कहीं प्रशांत किशोर ने मचाई हलचल

Datia Bankipur By Election Result 2026: दतिया-बांकीपुर में बड़ा उलटफेर, प्रशांत किशोर आगे

नई दिल्ली/पटना/दतिया: बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना में सोमवार, 3 अगस्त 2026 को दिलचस्प और तेजी से बदलते रुझान सामने आ रहे हैं। दोनों सीटों पर मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। बांकीपुर में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शुरुआती रुझानों में BJP को पीछे छोड़कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है, जबकि मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर BJP के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच मुकाबला लगातार सुर्खियों में है।

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बांकीपुर में प्रशांत किशोर का बड़ा खेल, BJP के गढ़ में बढ़त

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट इस उपचुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा में है। यहां जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार खुद चुनावी मैदान में उतरे हैं। शुरुआती रुझानों में उन्होंने BJP उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को पीछे छोड़ दिया है।

यह बढ़त इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बांकीपुर को लंबे समय से BJP का मजबूत इलाका माना जाता रहा है। ऐसे में अगर प्रशांत किशोर इस सीट पर जीत हासिल करते हैं तो यह उनकी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश होगा।

मतगणना के छठे राउंड के बाद उपलब्ध रुझानों में प्रशांत किशोर की बढ़त 3,500 से अधिक वोटों तक पहुंच गई थी। इसका मतलब है कि जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़ रहे हैं, बांकीपुर की लड़ाई और दिलचस्प होती जा रही है।

BJP के लिए क्यों अहम है बांकीपुर?

बांकीपुर सीट पर BJP का लंबे समय से प्रभाव रहा है। ऐसे में यहां प्रशांत किशोर की बढ़त को केवल एक उपचुनाव का रुझान नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की राजनीति में जन सुराज के प्रभाव की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है।

प्रशांत किशोर के सामने BJP के नीरज कुमार सिन्हा हैं, जबकि RJD की ओर से रेखा गुप्ता मैदान में हैं। इस तरह मुकाबला त्रिकोणीय है, लेकिन फिलहाल शुरुआती रुझानों में जन सुराज आगे दिखाई दे रहा है।


दतिया में BJP और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर भी चुनावी गणित तेजी से बदलता नजर आ रहा है। यहां BJP ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस की ओर से घनश्याम सिंह चुनाव लड़ रहे हैं।

मतगणना के शुरुआती दौर में BJP उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने बढ़त बनाई। दूसरे राउंड के बाद उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार तिवारी को 8,253 वोट, जबकि कांग्रेस के घनश्याम सिंह को 7,378 वोट मिले थे। इस समय BJP की बढ़त 875 वोट की थी।

हालांकि, दतिया में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। राउंड-दर-राउंड वोटों की गिनती के साथ अंतर बदल सकता है। इसलिए अंतिम नतीजे आने से पहले किसी उम्मीदवार को विजेता मानना जल्दबाजी होगी।


दतिया में क्यों है BJP-कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर?

दतिया सीट मध्य प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह क्षेत्र लंबे समय तक BJP के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक प्रभाव से जोड़ा जाता रहा है।

2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों के अंतर से हराया था। इस बार उपचुनाव में BJP की कोशिश सीट को दोबारा अपने प्रभाव में लेने की है, जबकि कांग्रेस अपनी पिछली जीत को बरकरार रखने के लिए मैदान में है।

दतिया उपचुनाव में 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इतनी बड़ी भागीदारी के कारण भी इस सीट के नतीजे को लेकर राजनीतिक दलों और विश्लेषकों की नजर बनी हुई है।


आखिर क्यों हुआ दतिया में उपचुनाव?

दतिया सीट पर उपचुनाव पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली की एक अदालत से सजा के बाद उनकी सदस्यता चली गई, जिसके बाद सीट खाली हुई और उपचुनाव कराया गया।

इसके बाद BJP ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा।


बांकीपुर में भी उपचुनाव की वजह बनी खास

बिहार की बांकीपुर सीट भी खाली होने के बाद उपचुनाव के लिए गई। BJP के नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद सीट खाली हुई और यहां उपचुनाव हुआ।

इस चुनाव में सबसे बड़ा आकर्षण प्रशांत किशोर की सीधी चुनावी एंट्री है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक के तौर पर वे लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं, लेकिन बांकीपुर चुनाव उनके लिए व्यक्तिगत चुनावी परीक्षा भी है।


प्रशांत किशोर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है बांकीपुर का नतीजा?

प्रशांत किशोर लंबे समय से बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं। ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव में उनकी पहली सीधी चुनावी लड़ाई है।

अगर वे BJP के मजबूत माने जाने वाले इलाके में जीत हासिल करते हैं तो यह जन सुराज पार्टी के लिए बड़ा मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक बढ़ावा होगा।

वहीं अगर BJP अपनी बढ़त वापस हासिल कर लेती है तो यह भी संकेत होगा कि जन सुराज को अभी बिहार की शहरी राजनीति में मजबूत आधार बनाने के लिए लंबी राजनीतिक लड़ाई लड़नी होगी।

यही वजह है कि बांकीपुर के रुझानों पर बिहार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी नजर है।


मतगणना में हर राउंड के साथ बदल रही तस्वीर

उपचुनाव की मतगणना में शुरुआती रुझानों को अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता। EVM वोटों की गिनती अलग-अलग राउंड में होती है और हर राउंड के बाद उम्मीदवारों के बीच अंतर बदल सकता है।

दतिया में शुरुआती रुझानों में BJP ने बढ़त बनाई थी, जबकि बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने शुरुआत से ही BJP उम्मीदवार को चुनौती दी। बाद के राउंड में बांकीपुर में प्रशांत किशोर की बढ़त और मजबूत हुई।

इसलिए इन दोनों सीटों पर अंतिम नतीजे आने तक मुकाबला खुला माना जा रहा है।


📊 दतिया और बांकीपुर का ताजा हाल

विधानसभा सीटराज्यप्रमुख मुकाबलाताजा रुझान
बांकीपुरबिहारप्रशांत किशोर vs नीरज कुमार सिन्हाप्रशांत किशोर आगे
दतियामध्य प्रदेशआशुतोष तिवारी vs घनश्याम सिंहBJP के आशुतोष तिवारी आगे
बांकीपुरबिहारRJD की रेखा गुप्ता भी मैदान मेंतीसरे स्थान पर

नोट: ये मतगणना के दौरान के रुझान हैं, अंतिम आधिकारिक नतीजे नहीं। राउंड बढ़ने के साथ आंकड़े बदल सकते हैं।


तीन राज्यों की तीन सीटों पर उपचुनाव

3 अगस्त को केवल दतिया और बांकीपुर ही नहीं, बल्कि गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव की भी मतगणना हो रही है।

इस तरह बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों के नतीजों पर राजनीतिक दलों की नजर है। शुरुआती रुझानों में BJP ने दतिया और मांजलपुर में बढ़त बनाई, जबकि बांकीपुर में जन सुराज के प्रशांत किशोर आगे चल रहे थे।


BJP के लिए क्या है सबसे बड़ी चुनौती?

BJP के सामने इन उपचुनावों में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की चुनौती है। खासकर बांकीपुर में अगर प्रशांत किशोर जीत दर्ज करते हैं तो BJP के लंबे समय से मजबूत माने जाने वाले क्षेत्र में बड़ा बदलाव माना जाएगा।

दतिया में BJP के लिए चुनौती अलग तरह की है। पार्टी यहां अपनी पुरानी राजनीतिक पकड़ को वापस मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस पिछली विधानसभा जीत को दोहराना चाहती है।

इसलिए दोनों सीटों के नतीजे संबंधित राज्यों की राजनीति के लिए अलग-अलग संदेश दे सकते हैं।


कांग्रेस के लिए भी अहम है दतिया का मुकाबला

कांग्रेस के लिए दतिया सीट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी ने 2023 में यहां जीत हासिल की थी। यदि कांग्रेस इस बार भी सीट बरकरार रखती है तो मध्य प्रदेश में संगठन और नेतृत्व के लिए यह सकारात्मक संकेत होगा।

दूसरी ओर, BJP अगर सीट जीतती है तो पार्टी इसे अपने प्रभाव की वापसी के तौर पर पेश कर सकती है।

यानी दतिया में मुकाबला सिर्फ दो उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि BJP और कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिष्ठा के बीच भी माना जा रहा है।


🔥 सबसे बड़ा सवाल: क्या बदल जाएगा राजनीतिक समीकरण?

फिलहाल दोनों सीटों पर मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम का इंतजार है। लेकिन शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक तस्वीर को जरूर दिलचस्प बना दिया है।

बांकीपुर में प्रशांत किशोर की बढ़त BJP के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, जबकि दतिया में BJP उम्मीदवार की बढ़त कांग्रेस के लिए चुनौती पेश कर रही है।

खास तौर पर बांकीपुर का परिणाम इसलिए महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह प्रशांत किशोर के सीधे चुनावी सफर की पहली बड़ी परीक्षा है। वहीं दतिया का परिणाम मध्य प्रदेश में BJP-कांग्रेस के बीच स्थानीय राजनीतिक ताकत का संकेत दे सकता है।

निष्कर्ष

दतिया और बांकीपुर उपचुनाव की मतगणना ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। बांकीपुर में प्रशांत किशोर की बढ़त ने BJP के मजबूत माने जाने वाले क्षेत्र में बड़ा उलटफेर करने की संभावना पैदा कर दी है, जबकि दतिया में BJP के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच मुकाबला बेहद अहम बना हुआ है।

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