अहमदाबाद की पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 8 लोगों की दर्दनाक मौत; लाइसेंस रद्द होने के बाद भी चल रहा था कारोबार
अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 8 लोगों की दर्दनाक मौत; लाइसेंस रद्द होने के बाद भी चल रहा था संचालन

अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में एक पटाखा निर्माण फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। इस दर्दनाक घटना में 8 लोगों की झुलसकर मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ, उसका लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, इसके बावजूद वहां कथित तौर पर पटाखा निर्माण का काम जारी था। इस खुलासे के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फैक्ट्री से अचानक तेज धमाके की आवाज आई, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैल गई और कर्मचारियों को बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिल सका।
धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
राहत और बचाव अभियान
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
बचाव अभियान के दौरान—
- कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
- आसपास की फैक्ट्रियों को एहतियातन खाली कराया गया।
- पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई।
लाइसेंस रद्द होने के बाद भी चल रहा था संचालन
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, संबंधित फैक्ट्री का संचालन लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद वहां कथित रूप से अवैध तरीके से पटाखा निर्माण जारी था।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि—
- लाइसेंस रद्द होने के बाद फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी?
- संबंधित अधिकारियों की क्या भूमिका रही?
- सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया?
- फैक्ट्री में कितनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मौजूद थी?
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है।
जांच के प्रमुख बिंदु—
- आग लगने का वास्तविक कारण
- सुरक्षा मानकों का पालन
- लाइसेंस और कानूनी दस्तावेजों की जांच
- फैक्ट्री मालिक और प्रबंधन की जिम्मेदारी
- संभावित लापरवाही की जांच
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री लंबे समय से सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए संचालित की जा रही थी। लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और क्षेत्र में चल रही अन्य अवैध फैक्ट्रियों की जांच की मांग की है।
विशेषज्ञों की राय
औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पटाखा फैक्ट्रियों में अत्यधिक ज्वलनशील रसायनों का उपयोग होता है। ऐसे प्रतिष्ठानों में लाइसेंस, सुरक्षा उपकरण, अग्निशमन व्यवस्था और नियमित निरीक्षण अनिवार्य होते हैं। इन नियमों की अनदेखी बड़े हादसों का कारण बन सकती है।
निष्कर्ष
अहमदाबाद की पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 8 लोगों की मौत और 15 से अधिक लोगों के घायल होने की इस घटना की जांच जारी है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि लाइसेंस रद्द होने के बावजूद फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी और इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है।



