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भारत की मेजबानी में हैदराबाद में शुरू हुई 12वीं BRICS श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य के रोजगार पर मंथन

भारत की मेजबानी में हैदराबाद में शुरू हुई 12वीं BRICS श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक, सामाजिक सुरक्षा और AI पर मंथन

हैदराबाद। भारत की अध्यक्षता (BRICS Chairship 2026) के तहत तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 12वीं BRICS श्रम एवं रोजगार मंत्रियों (Labour and Employment Ministers’ Meeting – LEMM) की दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ हुआ। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के श्रम मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि तथा श्रम नीति विशेषज्ञ भविष्य की कार्य व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की। उनके साथ केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे भी मौजूद रहीं। भारत ने इस सम्मेलन को “समावेशी, लचीले और भविष्य के लिए तैयार श्रम बाजार” की दिशा में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का अवसर बताया।

इस वर्ष की बैठक का मुख्य एजेंडा सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा (Universal Social Protection), महिलाओं की श्रमबल में भागीदारी बढ़ाना, वैश्विक कौशल मानचित्रण (Global Skills Mapping) तथा गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए डिजिटल तकनीकों का प्रभावी उपयोग है। सदस्य देशों के प्रतिनिधि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी परिवर्तन के बीच श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा रोजगार के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा कर रहे हैं।

बैठक के दौरान भारत ने अपने ई-श्रम पोर्टल, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास कार्यक्रमों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए चलाई जा रही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का अनुभव अन्य BRICS देशों के साथ साझा किया। भारत का उद्देश्य डिजिटल नवाचार के माध्यम से श्रमिकों तक सरकारी सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा का लाभ तेज़ी से पहुंचाना है।

सम्मेलन में यह भी स्वीकार किया गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ऑटोमेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से रोजगार की प्रकृति तेजी से बदल रही है। ऐसे में श्रमिकों के पुनः कौशल विकास (Reskilling), नए कौशल (Upskilling) और सामाजिक सुरक्षा के मजबूत ढांचे की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। विभिन्न सदस्य देशों ने अनुभव साझा करते हुए श्रमिक-केंद्रित नीतियों को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

BRICS ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग श्रमिकों की सहायता के लिए होना चाहिए, न कि उनकी जगह लेने के लिए। उन्होंने सरकारों से ऐसी नीतियां बनाने का आग्रह किया जो रोजगार सुरक्षा, समान अवसर और तकनीकी बदलाव के बीच श्रमिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करें।

भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत आयोजित यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि BRICS समूह अब विस्तार के बाद पहले से अधिक व्यापक हो चुका है। वर्तमान में BRICS में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं। ऐसे में श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में साझा नीतियों का महत्व और बढ़ गया है।

बैठक के समापन पर एक संयुक्त घोषणा-पत्र (Joint Declaration) जारी किए जाने की संभावना है, जिसमें सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, कौशल विकास, डिजिटल सहयोग और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए सदस्य देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया जाएगा।

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