Kanpur Theft : कानपुर में तांबा चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद
कानपुर में ट्रांसफार्मर से तांबा चोरी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, 111.60 किलो तांबा और अवैध हथियार बरामद

कानपुर में बिजली के ट्रांसफार्मर से तांबा चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपियों के पास से तांबे की प्लेटें, 11 हजार रुपये और तमंचा-कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इनके आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है।
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बिजली के ट्रांसफार्मर से तांबा चोरी करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सेन पश्चिम पारा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 111.60 किलोग्राम तांबे की प्लेटें बरामद की गई हैं। इसके अलावा, चोरी का तांबा बेचने से मिली रकम के तौर पर 11 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से अवैध तमंचा और कारतूस मिलने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ट्रांसफार्मर से तांबा चोरी की कितनी घटनाओं में शामिल रहे हैं और चोरी किए गए तांबे को किन लोगों को बेचा जाता था। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानपुर समेत अन्य जिलों में भी कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। उनके आपराधिक इतिहास की पड़ताल की जा रही है।
ट्रांसफार्मर से तांबा चोरी कर बेचने का आरोप
पुलिस की जांच में तांबे की प्लेटों की बरामदगी को अहम साक्ष्य माना जा रहा है। बिजली के ट्रांसफार्मर में इस्तेमाल होने वाला तांबा बाजार में बिक सकता है, इसलिए इस तरह की चोरी के मामलों में पुलिस चोरी के माल की बरामदगी के साथ उसके खरीदारों का पता लगाने पर भी ध्यान देती है।
इस मामले में पुलिस ने 111.60 किलो तांबे की प्लेटें बरामद की हैं। इसके साथ मिले 11 हजार रुपये भी जांच का हिस्सा हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह रकम किस लेनदेन से संबंधित है और क्या चोरी का तांबा बेचने के लिए आरोपियों ने किसी अन्य व्यक्ति या कारोबारी की मदद ली थी।
फिलहाल, चोरी की सभी घटनाओं और कथित नेटवर्क के संबंध में जांच जारी है। पुलिस की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी के अलावा किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका की अंतिम पुष्टि होना अभी बाकी है।
अवैध तमंचा और कारतूस मिलने से बढ़ी गंभीरता
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों के पास से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। इस बरामदगी के आधार पर पुलिस हथियारों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि आरोपियों ने चोरी की वारदातों के दौरान हथियारों का इस्तेमाल किया था।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है। कानपुर और अन्य जिलों में दर्ज मुकदमों की पड़ताल से यह समझने में मदद मिलेगी कि आरोपी पहले भी इसी तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं या नहीं।
डीसीपी साउथ ने दी कार्रवाई की जानकारी
डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी ने गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में जानकारी दी। सेन पश्चिम पारा पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा चोरी के माल की बिक्री और संभावित अन्य सहयोगियों तक पहुंच सकता है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद तांबा किन ट्रांसफार्मरों से चोरी किया गया था और इस संबंध में अन्य शिकायतें दर्ज हैं या नहीं। यदि जांच में दूसरे लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
बिजली व्यवस्था और सुरक्षा के लिहाज से अहम मामला
ट्रांसफार्मर से तांबा चोरी होने की घटनाएं बिजली आपूर्ति और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं। ऐसे मामलों में चोरी के माल की बरामदगी के साथ यह पता लगाना भी जरूरी होता है कि चोरी का सामान किस माध्यम से बाजार तक पहुंच रहा है।

कानपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास, तांबे की बिक्री और संभावित अन्य वारदातों पर केंद्रित है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



