BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आज से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, शी चिनफिंग-पुतिन समेत कई बड़े नेता होंगे शामिल
नई दिल्ली में आज से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, मोदी-शी चिनफिंग की मुलाकात पर नजर

भारत की मेजबानी में आज से राजधानी नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है। समिट में दुनिया के कई प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों के शामिल होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी अहमियत बढ़ गई है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई वैश्विक नेता सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन मुलाकातों में आपसी संबंधों, वैश्विक मुद्दों और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है।
भारत की मेजबानी में अहम BRICS बैठक
भारत के लिए इस बार का BRICS शिखर सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई दिल्ली में होने वाली बैठक के दौरान सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, विकास, वैश्विक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
सम्मेलन में अलग-अलग देशों के नेताओं की मौजूदगी के चलते राजधानी में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।
पीएम मोदी और शी चिनफिंग की मुलाकात पर नजर
BRICS समिट के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की संभावित मुलाकात को लेकर है। दोनों नेताओं की बैठक पर भारत और चीन ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
भारत-चीन संबंधों के लिहाज से दोनों नेताओं की बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी भी इस सम्मेलन को और अहम बनाती है।
पीएम मोदी की कई द्विपक्षीय बैठकें
BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हो सकती है।
भारत BRICS के जरिए सदस्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक मंच पर विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को मजबूत करने पर भी जोर देता रहा है।
दुनिया की नजरें BRICS पर
BRICS का विस्तार और वैश्विक राजनीति में समूह की बढ़ती भूमिका इसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का महत्वपूर्ण मंच बनाती है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन भारत के लिए अपनी कूटनीतिक प्राथमिकताओं और वैश्विक साझेदारियों को सामने रखने का अहम अवसर है।
अब सभी की नजरें सम्मेलन के दौरान होने वाली नेताओं की द्विपक्षीय बैठकों और खास तौर पर पीएम मोदी-शी चिनफिंग की मुलाकात पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में इन बैठकों से निकलने वाले संदेशों का असर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
