Stock Market Today: एक्सपायरी डे पर शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स चढ़ा लेकिन निफ्टी दबाव में
एक्सपायरी डे पर बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स चढ़ा; निफ्टी दबाव में

वीकली ऑप्शंस एक्सपायरी के दिन भारतीय शेयर बाजार में कारोबार के दौरान जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बैंकिंग और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स में मजबूती रही, जबकि आईटी समेत कुछ सेक्टर्स में बिकवाली के कारण निफ्टी पर दबाव बना रहा। हालांकि, उपलब्ध क्लोजिंग डेटा के मुताबिक सेंसेक्स 78,079.96 पर 0.15% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,395.85 पर 0.16% गिरकर बंद हुआ।

एक्सपायरी के कारण बाजार में बढ़ी हलचल
गुरुवार को बाजार में डेरिवेटिव्स एक्सपायरी का असर साफ दिखाई दिया। एक्सपायरी वाले दिन ट्रेडर्स की पोजीशन एडजस्टमेंट और खरीद-बिकवाली के कारण प्रमुख इंडेक्स में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। Reuters के मुताबिक, कारोबारी सत्र के दौरान बाजार पर अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों, मजबूत कॉरपोरेट नतीजों और दूसरी ओर मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का मिला-जुला असर रहा।
सेंसेक्स में बढ़त, निफ्टी लाल निशान में बंद
कारोबार के अंत में BSE Sensex 117.95 अंक यानी 0.15% बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 करीब 0.16% गिरकर 24,395.85 पर आ गया। यानी दोनों प्रमुख इंडेक्स के प्रदर्शन में अंतर रहा।
यहां एक जरूरी बात: शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 179 अंक ऊपर 77,786 और निफ्टी करीब 24,340 पर बताया गया था, लेकिन ये आंकड़े उस समय के इंट्राडे स्तर थे, अंतिम क्लोजिंग आंकड़े नहीं।
बैंकिंग शेयरों में भी रहा उतार-चढ़ाव
बाजार में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रही। हालांकि क्लोजिंग तक प्रमुख वित्तीय और बैंकिंग शेयरों में करीब 0.4% की कमजोरी दर्ज हुई। इसके पीछे RBI के प्रस्तावित लोन प्राइसिंग नियमों को लेकर बाजार की चिंता भी एक कारण रही, जिससे बैंकों के मार्जिन और प्राइसिंग फ्लेक्सिबिलिटी पर असर पड़ने की आशंका जताई गई।
IT और Pharma शेयरों पर दबाव
आईटी सेक्टर में बिकवाली ने निफ्टी को ऊपर जाने से रोकने में भूमिका निभाई। फार्मा शेयरों में भी स्टॉक-विशिष्ट गतिविधियां देखने को मिलीं। बाजार में सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन अलग-अलग रहा और कुल मिलाकर 16 प्रमुख सेक्टर्स में से 10 सेक्टर्स गिरावट के साथ बंद हुए।
इससे साफ है कि बाजार में खरीदारी पूरी तरह व्यापक नहीं थी, बल्कि चुनिंदा शेयरों तक सीमित रही।
कच्चा तेल और ग्लोबल संकेत भी बने चिंता
निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतें बनी हुई हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण तेल करीब 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। महंगा कच्चा तेल भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाते से जुड़े जोखिम बढ़ा सकता है।
इसके अलावा आने वाले आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक बाजारों के संकेत भी अगले कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
निवेशकों की नजर अब अगले ट्रिगर्स पर
एक्सपायरी के बाद बाजार में अब निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमत, विदेशी बाजारों के संकेत और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। मौजूदा स्तरों पर बाजार में तेजी और कमजोरी दोनों के संकेत दिखाई दे रहे हैं, इसलिए आने वाले सत्रों में भी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष
वीकली ऑप्शंस एक्सपायरी के दिन शेयर बाजार में भारी वोलैटिलिटी रही। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,395.85 पर कमजोर रहा। IT और कुछ अन्य सेक्टर्स में बिकवाली के साथ महंगे क्रूड और ग्लोबल टेंशन ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।




