ईरान-अमेरिका की ‘महाजंग’ से गल्फ देशों में दहशत, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी; जानिए 9वें दिन कहां-कहां बढ़ा तनाव
ईरान-अमेरिका की ‘महाजंग’ ने बढ़ाई मिडिल ईस्ट में दहशत, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी; जानें 9वें दिन कहां-कहां हुए हमले

नई दिल्ली/तेहरान। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार गंभीर होता जा रहा है। संघर्ष के नौवें दिन क्षेत्र में कई जगह हमलों और जवाबी सैन्य कार्रवाई की खबरों के बीच खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों और वहां यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
नौवें दिन संघर्ष ने पकड़ी और रफ्तार
संघर्ष के ताजा दौर में दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज होने की खबरें सामने आई हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है और क्षेत्रीय देशों ने भी अपने रक्षा तंत्र को सतर्क रखा है।
हालांकि, युद्ध से जुड़े दावों और हमलों के संबंध में दोनों पक्ष अलग-अलग दावे कर रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में संभव नहीं है।
भारत ने क्यों जारी की ट्रैवल एडवाइजरी?
मध्य पूर्व में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
एडवाइजरी में नागरिकों को सलाह दी गई है कि—
- स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।
- आपातकालीन स्थिति में दूतावास द्वारा जारी हेल्पलाइन का उपयोग करें।
- सुरक्षा संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।
गल्फ देशों में क्यों बढ़ी चिंता?
ईरान-अमेरिका तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं माना जा रहा। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर—
- अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार
- समुद्री व्यापार
- हवाई सेवाओं
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला
पर भी पड़ सकता है।
भारतीय नागरिकों के लिए क्या सलाह?
विदेश मंत्रालय की सामान्य सुरक्षा सलाह के अनुसार, ऐसे हालात में भारतीय नागरिकों को—
- भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचना चाहिए।
- यात्रा से पहले आधिकारिक एडवाइजरी अवश्य देखनी चाहिए।
- अपने दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए।
- परिवार और भारतीय मिशन से नियमित संपर्क बनाए रखना चाहिए।
वैश्विक बाजारों पर भी असर
विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही वैश्विक शेयर बाजार और शिपिंग सेक्टर भी प्रभावित हो सकते हैं।
भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर
संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विभिन्न देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ा तो इसका प्रभाव पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव ने पूरे मिडिल ईस्ट में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।


