मेघालय का सबसे खतरनाक ट्रैक यू मावरिंगखांग बांस ट्रैक

एडवेंचर और कुदरत के रहस्यों को पसंद करने वालों के लिए मेघालय किसी जन्नत से कम नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेघालय में एक ऐसा रास्ता है जिसे देश के सबसे खतरनाक ट्रैक्स में गिना जाता है? हम बात कर रहे हैं ‘यू मावरिंगखांग बांस ट्रैक’ (U Mawryngkhang Bamboo Trek) की।
शिलांग से लगभग 40 किलोमीटर दूर वाहखेन गांव में स्थित यह ट्रैक न केवल अपनी मुश्किल चढ़ाई, बल्कि एक प्राचीन लोककथा के लिए भी मशहूर है। आइए जानें इसके बारे में।
3 हजार सीढ़ियों का सफर
यह ट्रैक कोई साधारण रास्ता नहीं है, बल्कि बांस से बना इंजीनियरिंग का एक अद्भुत नमूना है। एडवेंचर के शौकीनों के लिए यह एक बेहतरीन जगह है, जहां सैलानियों को करीब 3,000 सीढ़ियां पार करनी होती हैं। यह ट्रैक एक खड़ी पहाड़ी पर बना है जो नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक फैला हुआ है।
इस सफर को पूरा करने में आमतौर पर 3 से 5 घंटे का समय लगता है। सुरक्षा के लिहाज से यहां एक खास नियम का पालन किया जाता है कि बांस के पुल पर एक साथ बहुत ज्यादा लोगों को चलने की अनुमति नहीं दी जाती है।
कब जाएं और किन बातों का रखें ध्यान?
मेघालय अपनी बारिश के लिए जाना जाता है, लेकिन इस ट्रैक के लिए बरसात का मौसम काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बारिश के खतरों से बचने के लिए यहां जाने का सबसे बेहतरीन समय अक्टूबर से मार्च के बीच है। इस दौरान मौसम सुहावना होता है और ट्रैक पर पकड़ बनाना आसान होता है।
पत्थरों के राजा की अमर प्रेम कथा
इस ट्रैक का असली आकर्षण इसके साथ जुड़ी वह प्राचीन कहानी है, जो खासी जनजाति के लोगों और उनकी परंपराओं से निकलकर आती है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, ‘यू मावरिंगखांग’ केवल एक विशाल चट्टान नहीं, बल्कि पत्थरों का राजा था।
क्या है यह कहानी?
यू मावरिंगखांग को पास की एक बेहद सुंदर चट्टान ‘कथियांग’ से प्रेम हो गया था, लेकिन कहानी में एक मोड़ तब आया जब ‘यू मावपातोर’ नामक एक अन्य चट्टान भी कथियांग के प्रेम में पड़ गई। दोनों शक्तिशाली चट्टानें कथियांग को पाना चाहती थीं, जिसके कारण उनके बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया। इस युद्ध में ‘यू मावरिंगखांग’ ने अपनी वीरता का परिचय देते हुए ‘यू मावपातोर’ को हरा दिया और अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।
आज यू मावरिंगखांग न केवल एक लोकप्रिय ट्रैकिंग स्थल है, बल्कि यह मेघालय की समृद्ध संस्कृति और लोककथाओं का प्रतीक भी है।




