वायु सेना के सैन्य अभ्यास में राफेल-सुखोई समेत ये जेट्स दिखाएंगे अपनी ताकत

भारतीय वायुसेना 27 फरवरी को राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में होने वाले सैन्य अभ्यास के दौरान अपनी मारक क्षमता और परिचालन दक्षता का प्रदर्शन करेगी। वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस अभ्यास में फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स और कई रणनीतिक एयर एसेट्स हिस्सा लेंगे।
अधिकारी ने बताया कि अभ्यास में राफेल, एसयू-30, मिग-29, तेजस और अन्य विमान शामिल होंगे। इस आयोजन में ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायु सेना की सफल भूमिका को उजागर किया जाएगा।
वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल नागेश कपूर ने स्पष्ट किया कि इस अभ्यास में लंबी दूरी तक लक्ष्य भेदन (लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक) का प्रदर्शन शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद आयोजित हो रहा यह द्विवार्षिक प्रदर्शन विशेष महत्व रखता है।
इस अभ्यास में कौन-कौन से प्रमुख लड़ाकू विमान होंगे शामिल
इस अभ्यास में 120 से अधिक विमान हिस्सा लेंगे, जिनमें लड़ाकू जेट, हेलीकॉप्टर और परिवहन विमान शामिल हैं। प्रेजेंटेशन के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इसमें राफेल, सुखोई-30, मिग-29, तेजस, जगुआर और मिराज-2000 जैसे प्रमुख लड़ाकू विमान शामिल होंगे। इसके अलावा अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर, एलसीएच ‘प्रचंड’ और एएलएच भी प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे।
जब पश्चिमी सीमा के नजदीक इस आयोजन को लेकर संभावित रणनीतिक संदेश पर सवाल किया गया तो एयर मार्शल कपूर ने कहा कि वायुसेना अपना प्रदर्शन करेगी, इससे कौन क्या संदेश लेता है, यह उसकी अपनी व्याख्या पर निर्भर करता है।
भारत का ऑपरेशन सिंदूर
पिछले वर्ष 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। भारत की इस सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने जवाबी प्रयास किए, लेकिन भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। उसके कई एयरबेस क्षतिग्रस्त हुए। बाद में दोनों देशों के बीच संघर्षविराम लागू हुआ।

