चांदी में रिकॉर्ड तेजी के बीच बड़ी चेतावनी, बजट के बाद गिर सकते हैं दाम

चांदी की कीमतों (Silver Prices) में लगातार तेजी का सिलसिला जारी है और यह 3 लाख के अहम आंकड़े को पार कर चुकी है। 20 जनवरी को MCX पर सिल्वर फ्यूचर ने 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 327998 रुपये का रिकॉर्ड हाई लगा दिया है। चांदी की कीमतों में लगातार जारी इस तेजी से हर कोई हैरान है। इस बीच देश के दिग्गज ब्रोकरेज हाउस ने चेताया है कि बजट 2026 के बाद चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। इसके पीछे एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने एक अहम वजह बताई है।
HDFC सिक्योरिटीज ने संभावित पॉलिसी-आधारित परेशानियों को लेकर एक चेतावनी जारी की है, जो आने वाले समय में चांदी की घरेलू कीमतों पर असर डाल सकती है।
ब्रोकरेज फर्म ने चांदी पर क्यों दी चेतावनी?
HDFC सिक्योरिटीज ने चेतावनी दी है कि आने वाले यूनियन बजट में इंपोर्ट ड्यूटी में किसी भी कटौती से, मेटल के मज़बूत फंडामेंटल्स के बावजूद, घरेलू चांदी की कीमतों पर तुरंत दबाव पड़ सकता है। ब्रोकरेज ने कहा कि हालांकि कीमती धातुओं के लिए स्ट्रक्चरल ड्राइवर मज़बूत बने हुए हैं, लेकिन फिस्कल पॉलिसी में बदलाव भारतीय बाजारों के लिए शॉर्ट-टर्म में मुश्किल पैदा कर सकते हैं।
HDFC सिक्योरिटीज ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा, “हालांकि, अगर सरकार आने वाले बजट में सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी कम करती है, तो घरेलू कीमतों पर दबाव आ सकता है और यह घरेलू कीमतों के लिए शॉर्ट-टर्म में एक रुकावट बन सकता है।”
किसी भी ड्यूटी में कमी से लैंडेड कॉस्ट अपने आप कम हो जाएगी, जिससे मेटल की कीमतों में तेज़ी से बढ़ोतरी के बाद प्रॉफ़िट-टेकिंग शुरू हो सकती है, भले ही ग्लोबल बेंचमार्क ऊंचे बने रहें।
बजट से जुड़े जोखिमों के बावजूद, HDFC सिक्योरिटीज ने चांदी पर मीडियम-टर्म से लॉन्ग-टर्म के लिए पॉजिटिव नज़रिया बनाए रखा है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कई अहम फैक्टर्स के सपोर्ट से कीमती धातुओं में तेज़ी का ट्रेंड 2026 तक जारी रहेगा।




