यूपी: अब एक घंटे के भीतर ही करानी होगी संपत्तियों की रजिस्ट्री…

यूपी में अब एक घंटे के भीतर ही संपत्तियों की रजिस्ट्री करानी होगी। आवेदन करने पर एक घंटे का ही स्लॉट मिलेगा, इसके बाद निरस्त हो जाएगा। एक अप्रैल से नया नियम लागू होगा। दस्तावेज जांचने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
अब संपत्तियों की रजिस्ट्री बुक हुए स्लॉट से एक घंटे के भीतर ही करानी होगी। इस अवधि में रजिस्ट्री नहीं होने पर स्लॉट स्वत: निरस्त हो जाएगा। इसके बाद नया अगर उस दिन में स्लॉट खाली होगा तो मिलेगा वरना दूसरे दिन के लिए आवेदन करना होगा। नई व्यवस्था एक अप्रैल से प्रभावी हो जाएगी।
निबंधन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर स्लॉट संबंधित सूचना भी आ गई है। अभी तक पूरे दिन का स्लॉट मिलता है। हालांकि, यह नियम को लागू किए जाने के पीछे विभागीय अधिकारियों का दावा है कि रजिस्ट्री सुबह 10 बजे से शुरू होती है लेकिन, अधिवक्ता 12 बजे के बाद ही क्रेता-विक्रेता को लेकर आते हैं और दोपहर भीड़ बढ़ जाती है।
भीड़ में दस्तावेजों की जांच करना आसान नहीं होता है, नए नियम से हर दस्तावेज को जांचने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। उधर, अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों में चर्चा चल रही है कि रजिस्ट्री विभाग में सर्वर सही नहीं चल रहा है। ऐसी स्थिति में सर्वर ठप होने पर कुछ लोगों की रजिस्ट्री अटक सकती है।
मामले में अधिकारियों ने दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं को सूचित किया है कि वे क्रेता-विक्रेता को इस बारे में जागरूक करें। एआईजी स्टांप संजय दुबे ने बताया कि एक अप्रैल से नया नियम प्रभावी हो जाएगी। इसकी सूचना अधिवक्ताओं को भी दी जा रही है।
रजिस्टर्ड एग्रीमेंट की जगह सीधे होगी रजिस्ट्री, तैयार हो रहा मसौदा
निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में बदलाव की तैयारी चल रही है। इसके मुताबिक, कुछ विशेष प्रकार की संपत्तियों के दस्तावेजों का पंजीकरण प्रतिबंधित किया जा सकेगा। रजिस्ट्री से पहले संपत्ति की सही पहचान की जाएगी।
रजिस्ट्री के साथ स्वामित्व, अधिकार और कब्जे से जुड़े आवश्यक दस्तावेज लगाना अनिवार्य होगा। यदि ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं होंगे तो पंजीकरण अधिकारी रजिस्ट्री करने से मना कर सकेगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में मसौदा तैयार हो रहा है। जल्द ही इसे अमल में लाने की तैयारी है।

