दुष्कर्म और हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
देहरादून : विकासनगर के ढकरानी में तीन साल पहले हुए हत्या के मामले में दोषी को विशेष जज (पोक्सो) रमा पांडेय की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं मृतक की नाबालिग बहन से दुष्कर्म की धारा में दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
अभियोजन पक्ष की ओर पैरवी कर रहे सरकारी अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने अदालत को बताया कि अमरीश उर्फ कालिया पुत्र रतिराम विकासनगर के ढकरानी इलाके में रहते हैं। अमरीश क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की पर बुरी नजर रखता था। एक दिन लड़की घर में अकेली थी। अमरीश मौका पाकर घर में घुस गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
लड़की ने घरवालों को जब यह बात बताई तो परिजनों ने अमरीश की हरकतों पर एतराज जताया। मगर अमरीश इसके बाद भी लड़की के घर मौका पाकर आता जाता रहता। लिहाजा परिजनों ने आठ जून 2014 को लड़की को अपने एक रिश्तेदार के घर भेज दिया। इस पर अमरीश ने लड़की को फोन पर धमकी दी कि अगर वह वापस नहीं आई तो बुरा होगा।
इसी बीच 10 जून 2014 को लड़की का भाई दोपहर को किसी काम से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। देर शाम हरबर्टपुर रोड से लड़की के भाई की लाश मिली। मामले में विकासनगर कोतवाली में अमरीश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मामले में विकासनगर पुलिस की ओर से 17 अक्टूबर 2014 को अमरीश के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह पेश हुए, जबकि बचाव पक्ष एक भी गवाह पेश नहीं कर सका।
परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और लड़की की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने अमरीश को हत्या और दुष्कर्म का दोषी पाया और सजा सुनाई। अमरीश पर तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, इसमें से 25 हजार रुपये पीडि़ता को देने का भी आदेश अदालत ने दिया है।




