Stock Market Rally: शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 850 अंक उछला, निफ्टी 22,500 के पार
शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 850 अंक उछला, निफ्टी 22,500 के पार

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे BSE सेंसेक्स 850 अंकों से ज्यादा उछलकर 72,400 के पार पहुंच गया, जबकि NSE निफ्टी 22,500 के स्तर के करीब पहुंच गया। आईटी शेयरों में जबरदस्त खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को सहारा दिया। हालांकि, सुबह करीब 10:30 बजे तक निवेशकों की संपत्ति में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
चार दिन की गिरावट के बाद बाजार में लौटी रौनक
गुरुवार को शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। सेंसेक्स 1,045 अंक से अधिक गिरकर 71,593 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 371 अंक टूटकर 22,232 के करीब पहुंच गया था। इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई थी। शुक्रवार को बाजार में आई तेजी ने पिछले सत्र के नुकसान की कुछ भरपाई की।
आईटी शेयरों ने संभाला बाजार
शुक्रवार की तेजी में आईटी सेक्टर की अहम भूमिका रही। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कंपनी के दूसरी तिमाही के मुनाफे में सालाना आधार पर 15% की बढ़ोतरी हुई और यह 13,884 करोड़ रुपये रहा।
इसके बाद TCS, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स 3% से अधिक चढ़ा। बैंकिंग, एफएमसीजी और रियल्टी सेक्टर के कई शेयरों में भी तेजी रही।

बाजार में तेजी की 3 बड़ी वजहें
1. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर निवेशकों की चिंताएं कुछ कम हुईं। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल सस्ता होने से आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम हो सकता है।2. वैश्विक तनाव में तत्काल राहत की उम्मीद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर सैन्य कार्रवाई टालने संबंधी टिप्पणी से वैश्विक बाजारों में कुछ राहत देखने को मिली। इससे निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा को समर्थन मिला।
3. निचले स्तरों पर खरीदारी: पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद कई शेयर आकर्षक स्तरों पर पहुंचे। इससे निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की और बाजार में तकनीकी रिकवरी देखने को मिली।
निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए?
बाजार में आई तेजी से राहत जरूर मिली है, लेकिन इसे लगातार तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की चाल और वैश्विक तनाव आने वाले कारोबारी सत्रों को प्रभावित कर सकते हैं।
निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय कंपनी के नतीजों, शेयर की कीमत और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए।




