Stock Market Today: चार दिन की गिरावट के बाद बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में
शेयर बाजार में चार दिन बाद तेजी, सेंसेक्स 72,500 के पार और निफ्टी 22,600 पर मजबूत

भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद राहत भरी शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 125.58 अंक यानी 0.17% चढ़कर 72,508.05 पर खुला, जबकि NSE Nifty 47.50 अंक यानी 0.21% की बढ़त के साथ 22,603.25 पर पहुंच गया। इसके बाद शुरुआती सत्र में दोनों प्रमुख सूचकांकों की बढ़त और मजबूत हुई। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 72,630 और निफ्टी करीब 22,636 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
चार दिनों की लगातार बिकवाली के बाद बाजार में यह तेजी निवेशकों के लिए कुछ राहत लेकर आई है। इससे पहले सोमवार को भी घरेलू शेयर बाजार ने गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया था। सोमवार को Sensex 472.77 अंक बढ़कर 72,382.47 और Nifty 133.80 अंक चढ़कर 22,555.75 पर बंद हुआ था। इस तरह मंगलवार की तेजी बाजार में जारी सुधार का दूसरा सत्र बन गई।
बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला सहारा
मंगलवार की शुरुआती तेजी में निजी बैंकिंग शेयरों की अहम भूमिका रही। शुरुआती कारोबार में Nifty Private Bank Index करीब 0.75% ऊपर रहा। इसके अलावा आईटी और मेटल से जुड़े कुछ शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। वहीं बाजार में Trent सबसे चर्चित शेयरों में रहा, जिसने मजबूत कारोबारी अपडेट के बाद शुरुआती कारोबार में करीब 10% तक की छलांग लगाई।
विश्लेषकों के मुताबिक, कंपनियों के तिमाही कारोबारी अपडेट, चुनिंदा बैंकिंग शेयरों में खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक बढ़ाया है। इसके बावजूद बाजार में पूरी तरह जोखिम खत्म नहीं हुआ है।

चार दिन की गिरावट के बाद आई तेजी
पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में ऊंची बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में थे। सोमवार की तेजी से बाजार ने इस गिरावट पर थोड़ी रोक लगाई और मंगलवार को भी सकारात्मक रुख बरकरार रहा। घरेलू बाजार के इस सुधार को फिलहाल राहत वाली तेजी के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि कई बड़े जोखिम अभी भी बने हुए हैं।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि केवल दो सत्र की बढ़त को स्थायी तेजी का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं।
RBI नीति और कंपनियों के नतीजे पर नजर
निवेशकों की नजर अब भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी है। बाजार को उम्मीद है कि आने वाले कारोबारी अपडेट से शेयरों की दिशा को लेकर ज्यादा स्पष्टता मिल सकती है। ऐसे में बुधवार और उसके बाद के सत्रों में विदेशी निवेश, तेल की कीमत और ब्याज दरों से जुड़े संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे।
फिलहाल मंगलवार की शुरुआत से इतना जरूर साफ है कि लगातार चार दिन की गिरावट के बाद बाजार में खरीदार वापस लौटे हैं। हालांकि, निवेशकों के लिए आगे भी सावधानी के साथ कारोबार करना जरूरी रहेगा, क्योंकि वैश्विक और घरेलू दोनों मोर्चों पर बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।




