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नेपाल में महातबाही: बाढ़ और क्लाउडबर्स्ट से 804 मौतें, हजारों लापता; भारत ने भेजी फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीम

नेपाल में महातबाही: बाढ़ से 804 मौतें, हजारों लापता; भारत ने भेजी फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीम

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और ग्लेशियर से जुड़ी आपदा ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल और तिब्बत में अब तक 804 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 3 हजार से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। लगातार जारी राहत और बचाव अभियान के बीच भारत ने भी नेपाल की मदद के लिए अपनी विशेषज्ञ टीमें भेजी हैं।

शवों की पहचान बनी बड़ी चुनौती

बाढ़ के तेज बहाव में बड़ी संख्या में लोग और शव बह गए हैं। कई शवों की हालत खराब होने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। नेपाल में अधिकारियों ने अज्ञात शवों का रिकॉर्ड तैयार करने के साथ DNA सैंपल और तस्वीरें सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की है, ताकि बाद में परिजनों से मिलान किया जा सके।

इसी काम में मदद के लिए भारत ने फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम नेपाल भेजी है। टीम DNA जांच और शवों की पहचान से जुड़े काम में नेपाली अधिकारियों की सहायता कर रही है।

टनल में फंसे लोगों को बचाने के लिए भारत की टीम

इस आपदा के बाद कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं में भी कर्मचारी फंस गए हैं। खासतौर पर अपर त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, सुरंग तक पहुंचने के लिए नेपाली सेना और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। भारत ने भी विशेषज्ञ टनल रेस्क्यू टीम नेपाल भेजी है, जो जटिल सुरंगों में खोज और बचाव अभियान में सहायता कर रही है।

भारत ने राहत सामग्री भी भेजी

भारत ने सिर्फ विशेषज्ञ टीम ही नहीं, बल्कि बड़ी मात्रा में राहत सामग्री भी नेपाल भेजी है। भारतीय वायुसेना के जरिए कई खेपों में राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई गई है। अब तक भारत की ओर से 68.5 टन राहत सामग्री भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इसमें दवाइयां, खाद्य सामग्री, कंबल, टेंट से जुड़ी सामग्री और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं।

भारत की चौथी राहत उड़ान में 11 टन मानवीय सहायता के साथ टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ और फोरेंसिक एक्सपर्ट भी नेपाल पहुंचे। इसका उद्देश्य राहत कार्य के साथ-साथ लापता लोगों की तलाश और मृतकों की पहचान में मदद करना है।

हजारों लोगों की तलाश जारी

बाढ़ के बाद नेपाल और तिब्बत के प्रभावित क्षेत्रों में हजारों लोगों का अब तक पता नहीं चल सका है। राहत एवं बचाव दल मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों, मलबे और क्षतिग्रस्त सड़कों के बीच अभियान चला रहे हैं। कई जगहों पर बाढ़ के कारण संपर्क मार्ग टूट गए हैं, जिससे रेस्क्यू टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।

स्थिति लगातार बदल रही है और मृतकों तथा लापता लोगों के आंकड़े भी अपडेट हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता अभी जिंदा बचे लोगों को सुरक्षित निकालना, लापता लोगों की तलाश करना और बरामद शवों की पहचान करना है।

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