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गोधनी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस लीक, 40 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती

गोधनी प्लांट में गैस लीक, 40+ लोग अस्पताल में भर्ती; 150 घर खाली

महाराष्ट्र के नागपुर में गोधनी स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस लीक होने से हड़कंप मच गया। गैस आसपास के रिहायशी इलाकों तक फैलने के बाद कई लोगों को खांसी, सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी शिकायतें हुईं। शुरुआती जानकारी में करीब 40 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की बात सामने आई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में यह संख्या 52 तक पहुंचने की जानकारी दी गई है।

900 किलो के सिलेंडर से हुआ गैस रिसाव

रिपोर्टों के मुताबिक, गोधनी के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में करीब 900 किलो क्षमता वाले क्लोरीन सिलेंडर से गैस का रिसाव हुआ। घटना सोमवार तड़के करीब 1 बजे के आसपास सामने आई। गैस फैलने के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने सांस लेने में परेशानी की शिकायत की।

प्लांट के कर्मचारियों के अलावा आसपास रहने वाले लोग भी गैस की चपेट में आए। प्रभावित लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ मरीजों को शुरुआती तौर पर ICU में भी रखा गया, हालांकि बाद की जानकारी में उपचाराधीन लोगों की स्थिति स्थिर बताई गई।

150 घर खाली कराए गए

गैस के रिहायशी क्षेत्र की ओर फैलने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। करीब 200 मीटर के दायरे में लोगों को हटाया गया, जबकि स्थानीय स्तर पर लगभग 150 घरों को खाली कराने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस, फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और इलाके को सुरक्षित करने का काम शुरू किया। बचावकर्मियों ने सुरक्षा उपकरणों के साथ प्लांट में प्रवेश कर रिसाव को नियंत्रित करने की कार्रवाई की।

पानी और कास्टिक सोडा में डुबोया गया सिलेंडर

रिसाव को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन टीमों ने प्रभावित सिलेंडर को पानी और कास्टिक सोडा वाले टैंक में डुबोया, जिससे बचे हुए क्लोरीन को निष्क्रिय करने में मदद मिली। अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद आसपास के क्षेत्र में गैस का स्तर कम होने लगा और स्थिति नियंत्रण में आ गई।

सिलेंडर की खुले में स्टोरेज पर उठे सवाल

घटना के बाद अब प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नागपुर कलेक्टर कुमार आशीर्वाद ने 900 किलो के क्लोरीन सिलेंडर को खुले क्षेत्र में रखे जाने पर सवाल उठाया है। मामले की जांच के लिए तकनीकी समिति गठित की गई है, जो रिसाव के कारण और प्लांट में सुरक्षा मानकों के पालन की जांच करेगी।

निष्कर्ष

नागपुर के गोधनी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और खतरनाक रसायनों के भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत की बात यह है कि प्रशासन और NDRF की कार्रवाई के बाद गैस रिसाव को नियंत्रित कर लिया गया है। फिलहाल तकनीकी जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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