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Pakistan Political Crisis: मुश्किल में शहबाज शरीफ, बढ़ रहा सियासी टकराव; इमरान खान के समर्थकों की नाराजगी भी तेज

मुश्किल में शहबाज शरीफ, PPP की नाराजगी और इमरान समर्थकों का विरोध बढ़ा

पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार को एक तरफ अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ राजनीतिक मतभेदों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ इमरान खान और उनकी पार्टी के समर्थकों में सरकार के खिलाफ नाराजगी बनी हुई है। ऐसे में पाकिस्तान में राजनीतिक स्थिरता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

गठबंधन सरकार के सामने बढ़ती चुनौती

पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार गठबंधन के सहारे सत्ता चला रही है। ऐसे में गठबंधन सहयोगियों की नाराजगी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। खासकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के साथ कई मुद्दों पर मतभेद सरकार की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।

PPP पाकिस्तान की राजनीति में एक प्रमुख दल है और सरकार के लिए उसका समर्थन महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए दोनों पक्षों के बीच किसी भी बड़े राजनीतिक मतभेद का असर सरकार की स्थिरता पर पड़ सकता है।

इमरान खान के समर्थक भी नाराज

दूसरी ओर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों में भी सरकार और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी बनी हुई है। इमरान खान लंबे समय से कानूनी मामलों और जेल में रहने के कारण पाकिस्तान की राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं।

उनकी पार्टी समर्थक सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने और इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे हैं। इससे देश में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक दूरी और बढ़ गई है।

सरकार के लिए क्यों अहम है यह दौर?

पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे समय में अगर गठबंधन के भीतर मतभेद बढ़ते हैं या विपक्षी दबाव तेज होता है, तो सरकार के लिए नीतिगत फैसले लेना और राजनीतिक सहमति बनाना मुश्किल हो सकता है।

वहीं, पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता का असर अर्थव्यवस्था, निवेश और आम जनता के भरोसे पर भी पड़ सकता है।

क्या फिर बढ़ेगा राजनीतिक टकराव?

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि पाकिस्तान में कोई बड़ा राजनीतिक संकट पैदा होने वाला है। लेकिन PPP के साथ मतभेद और इमरान खान समर्थकों की नाराजगी शहबाज शरीफ सरकार के लिए दो अलग-अलग मोर्चे जरूर खोल रहे हैं।

आने वाले दिनों में गठबंधन सहयोगियों के बीच बातचीत और इमरान खान से जुड़े मामलों में सरकार के रुख पर पाकिस्तान की राजनीति की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

निष्कर्ष

पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार के सामने राजनीतिक चुनौतियां कम होती नजर नहीं आ रही हैं। गठबंधन सहयोगियों की नाराजगी और इमरान खान समर्थकों का विरोध सरकार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अगर दोनों मोर्चों पर तनाव बढ़ता है, तो पाकिस्तान में एक बार फिर राजनीतिक टकराव तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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