जीवनशैली

आपकी रोज की ये 5 गलतियां बढ़ा रही हैं हार्ट अटैक का खतरा

एक दौर था जब हार्ट अटैक को सिर्फ ढलती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन आज यह युवाओं और यहां तक कि बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। कम उम्र में हार्ट अटैक के डराने वाले आंकड़े चीख-चीख कर कह रहे हैं कि हमारी मॉडर्न लाइफस्टाइल में कुछ तो बहुत गलत है।

आपकी प्लेट में रखा अनहेल्दी खाना और बिगड़ा हुआ रूटीन आपके दिल को खामोशी से कमजोर कर रहा है। आइए जानते हैं आपकी उन रोजमर्रा की गलतियों के बारे में, जो अनजाने में आपको हार्ट अटैक के करीब ले जा रही हैं और जिनसे आज ही तौबा कर लेना जरूरी है।

सेडेंटरी लाइफस्टाइल
समय के साथ हमारी फिजिकल एक्टिविटी काफी कम होती जा रही है। ऑफिस में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना और घर आकर सोफे पर घंटों टीवी या मोबाइल देखना दिल के लिए जहर समान है। फिजिकल मूवमेंट की कमी के कारण ब्लड सर्कुलेशन स्लो हो जाता है और आर्टरीज में कोलेस्ट्रॉल जमा होना शुरू हो जाता है, जो हार्ट अटैक का कारण बनता है।

नींद के साथ समझौता
ज्यादातर लोग आजकल 7 घंटे से भी कम नींद लेते हैं। इसका असर सीधा ब्लड प्रेशर और कोर्टिसोल हार्मोन पर पड़ता है। नींद की कमी के कारण बीपी और सूजन बढ़ सकती है, जो आर्टरीज को नुकसान पहुंचाकर हार्ट अटैक का कारण बनती हैं।

खाने में छिपी हुई चीनी और नमक
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स, पैकेट बंद फूड्स और सॉस आदि के जरिए शरीर में भारी मात्रा में सोडियम और रिफाइंड शुगर भारी मात्रा में जाता है। इनके कारण बीपी और कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जो हार्ट अटैक की सबसे बड़ी वजह है।

बढ़ता स्ट्रेस
फिजिकल और मेंटल स्ट्रेस का सीधा असर हमारे दिल पर होता है। ज्यादा स्ट्रेस के कारण कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है। लोग तनाव कम करने के लिए स्मोकिंग और शराब का सहारा लेते हैं, जो आग में घी का काम करते हैं।

शराब और स्मोकिंग
शराब और तंबाकू दिल की सेहत को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। इनके कारण आर्टरीज में सिकुड़न और शरीर में सूजन बढ़ने की समस्या हो सकती है, जो हार्ट अटैक की वजह बनते हैं।

बचाव के लिए क्या करें?
30 मिनट एक्सरसाइज- रोज कम से कम 30 मिनट ब्रिस्क वॉकिंग या रनिंग करें।
घर का खाना- बाहर के जंक फूड की जगह घर का बना ताजा खाना खाएं।
नियमित चेकअप- 30 की उम्र के बाद साल में एक बार लिपिड प्रोफाइल और ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करवाएं।
स्ट्रेस मैनेजमेंट- योग, मेडिटेशन या अपने किसी पसंदीदा हॉबीज के लिए समय निकालें।

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