विक्रम हत्याकांड, दो मददगार गिरफ्तार, खुलासे के करीब पुलिस

सिल्वर सिटी में झारखंड के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस खुलासे के करीब है। हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों के दो मददगारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से एक के बेटे ने हरिद्वार में गाड़ी बुक करने के लिए यूपीआई से पेमेंट किया था जबकि दूसरे ने शूटरों को वाहन, टिकट आदि मदद उपलब्ध करवाई थी।
इस मामले में विक्रम के भाई और उसकी पत्नी से भी पूछताछ हो चुकी है। पुलिस ने कई कडि़यां आपस में जोड़ ली हैं। हत्याकांड का जल्द ही खुलासा हो सकता है। बता दें कि 13 फरवरी को सिल्वर सिटी मॉल में झारखंड के कुख्यात गैंगेस्टर विक्रम शर्मा को दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए तीन बदमाश बाइक पर आए थे। इनमें से दो घात लगाकर सीढ़ियों के पास खड़े हो गए और उनका एक साथी मॉल से कुछ दूर बाइक लिए इंतजार कर रहा था।
कई कुख्यात अपराधियों और गैंगस्टरों से संबंध होने की जानकारी मिली
विक्रम जब जिम से बाहर निकला और सीढि़यां उतर रहा था तभी पहले से घात लगाए दो बदमाशों ने बेहद करीबी से सिर पर कई गोलियां मार दी थी। इसके बाद बदमाश वहां से कुछ सौ मीटर तक पैदल भागे और काले रंग की बाइक में सवार होकर फरार हो गए। विक्रम पर झारखंड में हत्या और गैंगस्टर समेत 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। काशीपुर में विक्रम का स्टोन क्रेशर है और वह प्रॉपर्टी के कारोबार में भी सक्रिय था। विक्रम शर्मा सिंहभूमि जमशेदपुर झारखंड का रहने वाला था। वर्तमान में देहरादून में अमन विहार में रह रहा था। उसके कई कुख्यात अपराधियों और गैंगस्टरों से संबंध होने की जानकारी मिली है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि मामले का जल्द से जल्द खुलासा करने के लिए पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल एविडेंस, लोकेशन आदि विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस टीम को अहम सुराग मिले हैं। इस मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।
…तो जिसे डॉन बनाया वही बना दुश्मन
उत्तराखंड से झारखंड जाकर पुलिस टीमों ने दुमका जेल में बंद अखिलेश सिंह से लंबी पूछताछ की है। विक्रम को अखिलेश सिंह का गुरु माना जाता है। बताया जा रहा है कि अखिलेश और विक्रम झारखंड में जरायम की दुनिया का बड़ा नाम हैं। विक्रम ने अपने चेले अखिलेश सिंह को डॉन के रूप में स्थापित करने में भी कई लोगों से रंजिश पाल ली थी।
खुद विक्रम पर 2007 में साकची आम बागान के पास श्री लेदर के मालिक आशीष डे और चार अक्तूबर 2008 को बिष्टुपुर में टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह समेत कई हाईप्रोफाइल लोगों की हत्या का आरोप है। बताया जा रहा है कि विक्रम को जिससे लाभ दिखता था वह उसे अपना बनाने की कोशिस करता था। अपना सिक्का जमाने के लिए पुलिस, राजनेता सभी को साधकर रखता था। इसके गैंग के गुर्गे अपराध करते और पुलिस मुकदमा उसके विरोधियों पर करती।
तब ददई यादव और बड़ा निजाम के गिरोह से इसकी रंजिशें हुईं। इसके बाद ददई यादव और बड़ा निजाम मारे गए। हाल फिलहाल में गणेश सिंह के साथ इसकी रंजिशों की चर्चाएं हैं। हालांकि हत्याकांड में अखिलेश का हाथ होने की बात भी सामने आ रही है। वहीं पुलिस पूछताछ में विक्रम की पत्नी ने अपने देवर अरविंद पर भी संगीन आरोप लगाए हैं। पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।



