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कितना असली है पाकिस्तान से युद्ध का खतरा? PM मोदी ने दिया जवाब

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत विनिर्माण, सेवा और एमएसएमई की मजबूती के कारण व्यापार वार्ताओं में दृढ़ता से बात कर पाया है। उन्होंने राजनीतिक स्थिरता को निवेशकों का भरोसा बहाल करने वाला बताया और 38 देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों को विकसित भारत की नींव कहा। मोदी ने निजी क्षेत्र से नवाचार में निवेश करने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आक्रामक कदम उठाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत विनिर्माण, सेवा क्षेत्र एवं एमएसएमई में अपनी मजबूती की वजह से व्यापार वार्ताओं में दढ़ता से बातचीत कर पाया। मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर जारी वार्ता के संबंध में उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता एवं राजनीतिक पूर्वानुमानों ने भारत में निवेशकों का भरोसा बहाल कर दिया है।

उन्होंने अपने कार्यकाल में हस्ताक्षरित वैश्विक व्यापार समझौतों को विकसित भारत की नींव बताया और निजी क्षेत्र से अब अधिक आक्रामक और साहस के साथ कदम बढ़ाने को कहा। गौरतलब है कि भारत और पश्चिम एशिया के छह देशों के समूह ‘गल्फ कोआपरेशन काउंसिल’ (जीसीसी) ने मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक रूप से बातचीत शुरू करने के लिए विचार के विषयों पर पहले ही हस्ताक्षर कर दिए हैं।

38 देशों के साथ हुआ समझौता
जबकि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में 38 विकसित देशों को कवर करते हुए नौ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है।एक लिखित साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने संप्रग-काल के ”आर्थिक कुप्रबंधन” की आलोचना करते हुए कहा कि उस समय भारत विश्वास के साथ बातचीत करने में नाकाम रहा था।

संप्रग के राज में बातचीत शुरू होती थी और फिर टूट जाती थी। लंबी बातचीत के बावजूद कुछ खास नतीजा नहीं निकला। उन्होंने कहा, ”अब हमारे 38 साझीदार देशों के साथ एफटीए हैं, जो भारत के व्यापारिक इतिहास में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है। इन व्यापार समझौतों की एक खास बात यह है कि ये कई महाद्वीपों में फैले हुए हैं और इनमें अलग-अलग आर्थिक ताकत वाले देश शामिल हैं। हमारे देश में एक नया आत्मविश्वास है। अलग-अलग तरह की चुनौतियों के समय में भी हमारा राष्ट्रीय चरित्र सामने आया है और हम मुश्किल वैश्विक हालात में भी वृद्ध की चमकती हुई किरण हैं।”

उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत की ओर अगला कदम इस बात पर निर्भर करेगा कि भारतीय कंपनियां कितनी हिम्मत से नवाचार में निवेश करती हैं, दीर्घकालिक क्षमता स्थापित करती हैं और खुद को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, तकनीक के मामले में विश्वसनीय और ग्रोथ के सामाजिक रूप से जिम्मेदार इंजन के तौर पर स्थापित करती हैं।

पीएम मोदी ने बताई प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने प्रगतिशील निजी क्षेत्र से अनुसंधान एवं विकास में और अधिक तेजी से निवेश करने, आधुनिकतम तकनीक अपनाने, आपूर्ति श्रृंखला क्षमताओं को मजबूत करने और सुरक्षित लाभ के बजाय गुणवत्ता व उत्पादकता के स्तर पर मुकाबला करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि राजग सरकार की प्रतिबद्धता सुधारों के लिए है, जिसे उसने सही मायनों में करके दिखाया है। उनकी सरकार की ”रिफार्म एक्सप्रेस” से आम लोगों को बहुत फायदा हो रहा है। अगले तीन दशकों के लिए उनकी शीर्ष तीन प्राथमिकताएं होंगी- लगातार ढांचागत सुधार, नवाचार को बढ़ाना एवं शासन को और आसान बनाना।

मोदी ने यह भी कहा कि स्वभाव से वह कभी संतुष्ट नहीं होते क्योंकि उनका मानना है कि सार्वजनिक जीवन में एक तरह की रचनात्मक बेचैनी, और अधिक करने की लगातार इच्छा, तेजी से सुधार करने और बेहतर सेवा करने की आवश्यकता होती है।

उत्पादक खर्च को अपनी सरकार की पहचान बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल में पेश केंद्रीय बजट में जानबूझकर अल्पकालिक लोकलुभावन घोषणाओं से बचा गया। इसके बजाय नौकरियों और सतत वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे में रिकार्ड पूंजीगत आवंटन किया गया।

‘पिछली सरकारों की खामियों को किया दूर’
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल का इस्तेमाल पिछली सरकारों द्वारा छोड़ी गई ढांचागत खामियों को दूर करने, बड़े सुधार करने और विकसित भारत की नींव रखने के लिए किया है। यह बजट उस यात्रा के अगले स्तर को प्रदर्शित करता है। यह सरकार की शैली एवं प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, ”हमारा कोई भी बजट एक आम बही खाता बनाने के नजरिये से नहीं बनाया गया है.. अगर कोई पिछले 25 वर्षों में मेरे नजरिये को करीब से देखे तो यह साफ हो जाता है कि हमारा काम टुकड़ों में नहीं होता।”

मोदी ने कहा कि एक बड़ी रणनीति, कार्ययोजना और एक असरदार क्रियान्वयन है, जो पूरे देश की सोच, मकसद की निरंतरता और एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दिखाता है, जो साल दर साल धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। यह मजबूरी से उत्पन्न ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाला पल नहीं है। यह तैयारी और प्रेरणा से पैदा हुआ ‘हम तैयार हैं’ वाला पल है।

यह बजट एक विकसित देश बनने की इस चाहत को दिखाता है। डाटा सेंटर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए बजट में नए प्रोत्साहनों का उल्लेख करते हुए मोदी ने भारत को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एआइ के ग्लोबल हब के तौर पर भी पेश किया। उन्होंने कहा कि देश दुनिया का डाटा होस्ट करने और तकनीकी क्रांति की अगली लहर का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाने में महिलाओं की सबसे अहम भूमिका होगी और सरकार की पहल उन्हें मजबूत बनाएगी। गर्व की बात है कि पिछले कुछ वर्ष से भारतीय महिलाएं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। चाहे वह अंतरिक्ष हो या स्टार्ट-अप।

पीएम मोदी का ऑपरेशन सिंदूर पर बयान
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का हर फैसला महिलाओं की भलाई के लिए होता है और हर जिले में लड़कियों के एसटीईएम हास्टल बनाने की नई पहल से महिलाओं में शिक्षा और नवाचार में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।

अगले वर्ष 1.5 लाख केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देने और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए संस्थान बढ़ाने के फैसले से महिलाओं के लिए रोजगार में वृद्धि होगी। रक्षा बजट में बढ़ोतरी और सैन्य आधुनिकीकरण पर मोदी ने कहा कि एक दशक के रक्षा सुधारों के फायदे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान साफ दिखे और कहा कि भारत को सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए हर समय तैयार रहना होगा।

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