Jordan Attack : जॉर्डन चर्च हमला: सात की मौत, 34 घायल, जयशंकर ने जताया दुख
जॉर्डन के चर्च में गोलीबारी से 7 लोगों की मौत, 34 घायल; जयशंकर ने जताया दुख, भारत ने आतंकवाद के खिलाफ दोहराई प्रतिबद्धता

नई दिल्ली: जॉर्डन के कराक शहर में एक चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 अन्य घायल बताए गए हैं। धार्मिक स्थल पर आयोजित अंतिम संस्कार के दौरान हुई इस हिंसक घटना की भारत ने कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हमले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। भारत ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प भी दोहराया है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को घिनौना और कायरतापूर्ण कृत्य बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। मंत्रालय ने कहा कि भारत इस कठिन समय में जॉर्डन की सरकार और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
कराक के चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान हुई गोलीबारी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह घटना 23 अक्टूबर 2026 को जॉर्डन के कराक क्षेत्र के हमूद गांव में स्थित एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में हुई। बताया गया है कि चर्च में अंतिम संस्कार के लिए लोग एकत्र हुए थे। इसी दौरान बंदूकधारियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक हुई इस हिंसा के कारण वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
इस हमले में सात लोगों की जान चली गई, जबकि 34 लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में शोक और चिंता का माहौल बन गया। धार्मिक स्थल पर अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को निशाना बनाए जाने से इस घटना की गंभीरता और बढ़ गई है। हालांकि, हमले के पीछे की वजह और हमलावरों से जुड़ी विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कही
भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर चर्च पर हुए हमले की स्पष्ट शब्दों में निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि निर्दोष लोगों की जान लेने और उन्हें घायल करने वाली ऐसी हिंसक घटनाएं बेहद निंदनीय हैं।
भारत ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही, जॉर्डन के साथ एकजुटता जताते हुए आतंकवाद के हर रूप और तरीके के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब धार्मिक स्थलों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जताया गहरा दुख
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर इस घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कराक के चर्च में हुए हमले को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई।
जयशंकर ने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की और कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में जॉर्डन की सरकार तथा उसके लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को भी दोहराया।
जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय बिन हुसैन ने भी इस हमले पर दुख व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि हिंसा के जरिए देश के लोगों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश करने वाले सफल नहीं होंगे।
राजा ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने यह भी जोर दिया कि प्रत्येक जॉर्डनवासी का जीवन महत्वपूर्ण है और देश की सुरक्षा को चुनौती देने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
कराक के चर्च में हुई इस गोलीबारी ने आम नागरिकों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अंतिम संस्कार जैसे शोकपूर्ण अवसर पर हुई हिंसा ने पीड़ित परिवारों के दुख को और बढ़ा दिया है।

भारत समेत विभिन्न पक्षों की ओर से जताई गई संवेदनाएं इस घटना के अंतरराष्ट्रीय महत्व को दर्शाती हैं। हालांकि, हमले की जिम्मेदारी, इसके पीछे की मंशा और जांच से जुड़े निष्कर्षों की पुष्टि आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जानी चाहिए।



