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Corporate Earnings: फेडरल बैंक का मुनाफा 45% उछला, बजाज हाउसिंग फाइनेंस को भी फायदा; TCS-Wipro-HCLTech के नतीजों पर नजर

फेडरल बैंक का मुनाफा 45% बढ़ा, बजाज हाउसिंग और IT कंपनियों के नतीजे जारी

भारतीय शेयर बाजार में कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों का सिलसिला तेज हो गया है। वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में आईटी कंपनियों से लेकर बैंकिंग और हाउसिंग फाइनेंस क्षेत्र तक के प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर है। फेडरल बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 45% बढ़कर 1,386 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने 757 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। दूसरी तरफ TCS और HCLTech के नतीजों ने आईटी क्षेत्र में मजबूती के संकेत दिए हैं, जबकि Wipro के कमजोर ऑर्डर बुकिंग आंकड़ों ने चिंता भी बढ़ाई है।

फेडरल बैंक का मुनाफा रिकॉर्ड स्तर पर

फेडरल बैंक ने सितंबर तिमाही में 1,386 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के 955 करोड़ रुपये से 45% अधिक है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) भी 26% बढ़कर 3,153 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.06% से सुधरकर 3.32% पर पहुंच गया।

बैंक की कुल अग्रिम राशि सालाना आधार पर 22% बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपये और जमा राशि 19% बढ़कर 3.43 लाख करोड़ रुपये हो गई। परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया। सकल एनपीए अनुपात घटकर 1.32% और शुद्ध एनपीए अनुपात 0.17% रह गया।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस की कमाई में 18% की बढ़ोतरी

बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने दूसरी तिमाही में 757 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 643 करोड़ रुपये था। कंपनी की शुद्ध ब्याज आय 10% बढ़कर 1,055 करोड़ रुपये हो गई।

कंपनी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (AUM) 25% बढ़कर 1.58 लाख करोड़ रुपये पहुंच गईं। सकल एनपीए अनुपात 0.29% और शुद्ध एनपीए 0.12% रहा। ये आंकड़े कंपनी के कारोबार में विस्तार और परिसंपत्ति गुणवत्ता की स्थिति को दर्शाते हैं।

TCS और HCLTech ने दिखाई मजबूती

आईटी क्षेत्र में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने सितंबर तिमाही में 13,884 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो सालाना आधार पर करीब 15% अधिक है। कंपनी का राजस्व 73,188 करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा, कंपनी ने 9.6 अरब डॉलर की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू वाले नए सौदों की जानकारी दी।

HCLTech का शुद्ध मुनाफा 21.18% बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि परिचालन आय 11.5% बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये रही। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान में भी बदलाव किया है।

Wipro के नतीजों में मिला-जुला प्रदर्शन

Wipro का दूसरी तिमाही का राजस्व 9.1% बढ़कर 24,753 करोड़ रुपये रहा, लेकिन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 1.9% घटकर करीब 3,200 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी की कुल बुकिंग 2.6 अरब डॉलर रही, जो पिछले साल की तुलना में 45% कम है। इससे नए कारोबार और भविष्य की वृद्धि को लेकर सवाल बने हुए हैं।

निवेशकों के लिए क्या मायने हैं ये नतीजे?

कंपनियों के वित्तीय परिणाम शेयरों की कीमतों और निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। फेडरल बैंक और बजाज हाउसिंग फाइनेंस के बेहतर मुनाफे से वित्तीय क्षेत्र की स्थिति का संकेत मिलता है, जबकि TCS और HCLTech की वृद्धि आईटी क्षेत्र के लिए सकारात्मक है। Wipro के नतीजे बताते हैं कि सभी कंपनियों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं है।

आने वाले दिनों में अन्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों के नतीजों पर भी नजर रहेगी। निवेशकों को केवल मुनाफे की वृद्धि नहीं, बल्कि राजस्व, ऑर्डर बुकिंग, एनपीए, मार्जिन और भविष्य के अनुमान भी देखने चाहिए। कंपनियों के नतीजे शेयर में तेजी की गारंटी नहीं होते; निवेश का निर्णय अपनी जोखिम क्षमता और पूरी वित्तीय जानकारी के आधार पर लेना चाहिए।

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