Stock Market Today: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 380 अंक चढ़ा, निफ्टी 22,450 के पार; IT शेयरों में खरीदारी
सेंसेक्स 380 अंक चढ़ा, निफ्टी 22,450 के पार, IT शेयरों में तेजी

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को तेजी के साथ कारोबार शुरू हुआ। पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की, जिससे बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी हरे निशान में पहुंच गए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 380 अंक यानी 0.5% चढ़कर 72,290 के आसपास पहुंचा, जबकि निफ्टी भी लगभग 0.5% की बढ़त के साथ 22,450 के पार कारोबार करता दिखा। सुबह के कारोबार में तेजी और बढ़ी तथा सेंसेक्स की बढ़त 600 अंकों से ऊपर पहुंच गई।
IT शेयरों में तेजी से बाजार को मिला सहारा
मंगलवार को बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के बेहतर तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 4.8% से 5.4% तक चढ़े। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS के शेयरों में भी लगभग 4.4% से 5.4% तक की तेजी दर्ज की गई।
इसके अलावा टेक महिंद्रा और इन्फोसिस के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। रॉयटर्स के अनुसार, सुबह करीब 10:16 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.4% ऊपर था। आईटी शेयरों में आई खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती दी।
HCL टेक के नतीजों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में अपने एकीकृत शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 21.18% की बढ़ोतरी दर्ज की। कंपनी का मुनाफा बढ़कर लगभग 5,132 करोड़ रुपये पहुंच गया। बेहतर नतीजों के बाद शेयर में तेजी आई और इसका सकारात्मक असर दूसरे आईटी शेयरों पर भी दिखाई दिया।
हाल के महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईटी कंपनियों की कमाई को लेकर निवेशकों में चिंता बनी हुई थी। ऐसे में बेहतर नतीजों ने चुनिंदा कंपनियों में वैल्यू बाइंग को बढ़ावा दिया।
रुपये में सुधार से भी मिली राहत
भारतीय रुपये में मजबूती ने भी बाजार की धारणा को समर्थन दिया। भारतीय रिजर्व बैंक के हालिया कदमों के बाद मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर लगभग 95.25 पर पहुंच गया। इससे मुद्रा बाजार में कुछ राहत दिखाई दी।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार से संकेत पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहे। एशिया के कई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद घरेलू आईटी शेयरों में खरीदारी ने भारतीय बाजार को सहारा दिया।

निवेशकों के लिए अभी भी चुनौतियां
बाजार में तेजी के बावजूद कुछ जोखिम बने हुए हैं। सितंबर 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54% पहुंच गई, जिससे ब्याज दरों और आर्थिक नीतियों को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकता है।
विशेषज्ञों के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बाजार में खरीदारी कितनी देर तक बनी रहती है और क्या तेजी अन्य सेक्टरों तक भी फैलती है।
आगे बाजार की दिशा क्या होगी?
मंगलवार की तेजी ने निवेशकों को राहत जरूर दी है, लेकिन एक कारोबारी सत्र की बढ़त को स्थायी तेजी का संकेत नहीं माना जा सकता। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कंपनियों के तिमाही नतीजों, रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
फिलहाल आईटी शेयरों में खरीदारी और रुपये में सुधार बाजार की तेजी के प्रमुख कारण रहे हैं। निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखकर सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए।




