Gandhi Jayanti 2026: राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपति मुर्मू, PM मोदी और राहुल गांधी ने बापू को दी श्रद्धांजलि
राजघाट पहुंचे राष्ट्रपति मुर्मू, PM मोदी और राहुल गांधी, बापू को दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2026: देशभर में आज महात्मा गांधी की 157वीं जयंती यानी गांधी जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर राजधानी दिल्ली में राजघाट स्थित गांधी समाधि पर देश के शीर्ष नेताओं ने पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजघाट पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की और सर्व-धर्म प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया।

गांधी जयंती के मौके पर राजघाट पर सुबह से ही श्रद्धांजलि कार्यक्रम का माहौल रहा। राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने गांधी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को नमन किया।
राजघाट पर सर्व-धर्म प्रार्थना सभा
गांधी जयंती के अवसर पर राजघाट पर सर्व-धर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी गांधी समाधि पर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजघाट पर आयोजित कार्यक्रम में शांति, अहिंसा और गांधी जी के विचारों को याद किया गया। गांधी जयंती हर साल 2 अक्टूबर को मनाई जाती है और यह दिन महात्मा गांधी की जन्मभूमि पोरबंदर से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाता है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने गांधी के विचारों को बताया प्रासंगिक
गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में महात्मा गांधी की शांति और अहिंसा की विचारधारा को वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष के वातावरण के बीच गांधी जी का शांति और अहिंसा का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाता है।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में सर्वोदय, यानी सभी के कल्याण, की गांधीवादी भावना का उल्लेख करते हुए देश को समावेशी और विकसित बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने नागरिकों से नैतिक आचरण और सक्रिय भागीदारी के जरिए सशक्त तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
PM मोदी ने खादी और स्वदेशी पर दिया जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गांधी जयंती पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने गांधी जी के विचारों को मानवता के लिए लगातार प्रेरणादायक बताया और स्वदेशी तथा खादी पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने लोगों से 2 अक्टूबर को कम से कम एक खादी उत्पाद खरीदने और उसे स्वदेशी के रूप में गर्व से अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांधी जी का संदेश समाज और देश को आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देता रहेगा।
PM मोदी ने गांधी जी के विचारों को बेहतर समाज और विकसित भारत की दिशा से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर भी संदेश साझा किया। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर गांधी जयंती से संबंधित उनके कई संदेश प्रकाशित किए गए हैं।
राहुल गांधी ने सत्य, अहिंसा और निर्भयता को याद किया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने गांधी जयंती पर सोशल मीडिया पोस्ट में सत्य, अहिंसा और निर्भयता को बापू की सबसे बड़ी विरासत बताया।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि गांधी जी ने अन्याय के सामने न झुकने और सत्य तथा अहिंसा के साथ डटे रहने की सीख दी। उन्होंने राजघाट पर आयोजित सर्व-धर्म प्रार्थना में भी हिस्सा लिया।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने गांधी जी के सत्य, अहिंसा, सद्भाव और न्याय के सिद्धांतों का उल्लेख किया और कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
खड़गे ने गांधी जी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और उनके विचारों को याद करते हुए श्रद्धांजलि संदेश जारी किया। राहुल गांधी और खड़गे दोनों ने राजघाट पर गांधी समाधि पर पुष्प अर्पित किए।
गांधी जयंती के साथ शास्त्री जयंती भी
2 अक्टूबर का दिन देश के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती भी मनाई जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य नेताओं ने विजय घाट पहुंचकर शास्त्री जी को भी श्रद्धांजलि दी।
इस तरह राजधानी दिल्ली में सुबह के समय राजघाट और विजय घाट दोनों जगह श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुए। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के अलावा उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और अन्य गणमान्य लोगों ने भी दोनों महान नेताओं को याद किया।
2 अक्टूबर का ऐतिहासिक महत्व
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। स्वतंत्रता आंदोलन में सत्याग्रह और अहिंसा के उनके प्रयोगों ने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष को एक विशिष्ट दिशा दी। हर साल 2 अक्टूबर को देश में गांधी जयंती के तौर पर उनके जीवन और विचारों को याद किया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र ने भी 2 अक्टूबर को International Day of Non-Violence के रूप में मान्यता दी है। इस कारण गांधी जयंती केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में शांति और अहिंसा से जुड़े कार्यक्रमों के साथ मनाई जाती है।
देशभर में मनाई जा रही गांधी जयंती
दिल्ली के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों में भी गांधी जयंती के अवसर पर प्रार्थना सभाएं, स्वच्छता अभियान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं। सरकारी संस्थानों, स्कूलों और सामाजिक संगठनों की ओर से गांधी जी के जीवन और संदेश से जुड़े कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
2026 में गांधी जयंती ऐसे समय पर मनाई जा रही है जब राष्ट्रपति मुर्मू ने भी अपने संदेश में दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी संघर्ष और युद्ध की परिस्थितियों के बीच शांति और अहिंसा के गांधीवादी संदेश की प्रासंगिकता पर जोर दिया है।
राजघाट पर दिखी देश की राजनीतिक विविधता
गांधी जयंती के राजघाट कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि केंद्र सरकार और विपक्ष, दोनों के प्रमुख नेता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वरूप दिया।
यह कार्यक्रम मुख्य रूप से श्रद्धांजलि और स्मरण का अवसर रहा, जहां नेताओं ने अपने-अपने संदेशों में गांधी के अलग-अलग विचारों—शांति, सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, सद्भाव और न्याय—को रेखांकित किया।
निष्कर्ष
गांधी जयंती 2026 पर राजधानी दिल्ली के राजघाट में देश के प्रमुख संवैधानिक और राजनीतिक नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं ने गांधी समाधि पर पुष्प अर्पित किए और सर्व-धर्म प्रार्थना में भाग लिया।
राष्ट्रपति ने शांति और अहिंसा की प्रासंगिकता पर जोर दिया, प्रधानमंत्री ने स्वदेशी और खादी को बढ़ावा देने की अपील की, जबकि राहुल गांधी ने सत्य, अहिंसा और निर्भयता को गांधी जी की विरासत के रूप में याद किया।

