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Saudi Arabia Houthi Attack: सऊदी अरब पर हूती हमलों की भारत ने की कड़ी निंदा, क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर जताई चिंता

सऊदी अरब पर हूती हमलों की भारत ने की कड़ी निंदा, क्षेत्रीय सुरक्षा पर जताई चिंता

सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हालिया हमलों को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत सरकार ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्सों में हूती हमलों ने चिंता बढ़ा दी है।

रिपोर्टों के अनुसार, 8 सितंबर 2026 को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों में ड्रोन और मिसाइलों के जरिए कई ठिकानों को निशाना बनाया। हमलों में तेल और अन्य बुनियादी ढांचे के साथ सैन्य ठिकाने भी प्रभावित हुए। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक हमलों में 73 लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किए गए हमलों को अस्वीकार्य बताया है। भारत का कहना है कि इस तरह की हिंसक गतिविधियां पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

भारत पहले भी सऊदी अरब पर हुए हमलों की निंदा कर चुका है और क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति एवं स्थिरता बहाल करने की जरूरत पर जोर देता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मार्च 2026 में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत के दौरान सऊदी अरब पर हुए हमलों की निंदा की थी।

तेल ठिकानों को निशाना बनाए जाने से बढ़ी चिंता

हूती हमलों में सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ऊर्जा और तेल प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। जिजान, अबहा और नाजरान जैसे दक्षिणी इलाकों में हमलों की जानकारी सामने आई है। जिजान में सऊदी अरामको की 4 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली रिफाइनरी भी स्थित है।

तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों से केवल सऊदी अरब की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत भी करीब 98 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची।

बाब-अल-मंदेब को लेकर भी बढ़ी चिंता

हूती हमलों का असर लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने भी समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय स्थिरता को महत्वपूर्ण बताया है।

लगातार बढ़ते हमलों के बीच सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव

हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां ऐसे वक्त में सामने आई हैं, जब पश्चिम एशिया पहले से ही गंभीर तनाव का सामना कर रहा है। भारत ने लगातार सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।

आने वाले दिनों में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर भारत समेत पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

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