सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण पर तनाव, भारी पुलिस बल और RAF तैनात
सहारनपुर में मस्जिद पर चला बुलडोजर, भारी पुलिस बल और RAF तैनात

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तक पहुंच गया है। प्रशासन ने कोर्ट के आदेश के बाद मस्जिद को ध्वस्त कर दिया है। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि धार्मिक स्थल सरकारी जमीन पर बने होने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। जिला अदालत ने 4 सितंबर को मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के पहले के आदेश को बरकरार रखा था। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।
कोर्ट के फैसले के बाद हुई कार्रवाई
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर प्रशासन की ओर से इसे सरकारी जमीन पर बना अवैध निर्माण बताया गया था। मामले में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पहले ही ध्वस्तीकरण और बेदखली का आदेश जारी किया था। मस्जिद पक्ष ने इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी, लेकिन अदालत ने अपील खारिज कर दी।
जिला अदालत के फैसले के बाद शनिवार सुबह प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
भारी पुलिस बल और RAF की तैनाती
ध्वस्तीकरण को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी तरह की अफवाह या विरोध के चलते कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
कार्रवाई के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ध्वस्तीकरण को लेकर आपत्ति जताई और इसे लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि उन्हें कार्रवाई के दौरान सहारनपुर जाने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट किया गया।
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और अदालत के आदेश का पालन किया जा रहा है। सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जाने की बात कही है।
क्या है पूरा विवाद?
मामला सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद की जमीन से जुड़ा है। प्रशासन का पक्ष है कि संबंधित जमीन सरकारी संपत्ति है और वहां धार्मिक ढांचा अवैध रूप से बनाया गया था। मस्जिद पक्ष की ओर से पुराने दस्तावेजों और निर्माण के इतिहास से जुड़े तर्क अदालत के सामने रखे गए थे।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी और पहले के प्रशासनिक आदेश को बरकरार रखा।
फिलहाल ध्वस्तीकरण के बाद सहारनपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। प्रशासन और पुलिस की नजर इलाके में संभावित प्रतिक्रिया पर बनी हुई है, ताकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे।

