Crocodile Meat: चीन, थाईलैंड समेत इन देशों में खाया जाता है मगरमच्छ का मांस, सड़कों पर भी मिलते हैं स्टॉल
चीन, थाईलैंड समेत इन देशों में खाया जाता है मगरमच्छ का मांस, जानें वजह

मगरमच्छ को आमतौर पर दुनिया के सबसे खतरनाक शिकारी जीवों में गिना जाता है, लेकिन कुछ देशों में इसे सिर्फ जंगली जानवर के तौर पर नहीं देखा जाता। चीन, थाईलैंड और कुछ दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में मगरमच्छ के मांस का इस्तेमाल भोजन के रूप में किया जाता है। कुछ जगहों पर इसे स्थानीय बाजारों और स्ट्रीट फूड के रूप में भी देखा जा सकता है।

थाईलैंड में दिखते हैं मगरमच्छ के मांस के स्टॉल
थाईलैंड में मगरमच्छ पालन का कारोबार भी मौजूद है और कुछ जगहों पर इसके मांस को खाद्य उत्पाद के रूप में बेचा जाता है। स्थानीय बाजारों और पर्यटन क्षेत्रों में मगरमच्छ के मांस को ग्रिल, रोस्ट या अलग-अलग व्यंजनों के रूप में परोसे जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आते रहे हैं।
हालांकि, हर शहर में यह आम भोजन नहीं है और इसकी उपलब्धता स्थानीय नियमों और बाजार पर निर्भर करती है।
चीन में भी होता है इस्तेमाल
चीन में मगरमच्छ की कुछ प्रजातियों का पालन नियंत्रित परिस्थितियों में किया जाता है। मगरमच्छ से जुड़े उत्पादों में मांस के अलावा त्वचा और अन्य हिस्से भी शामिल हो सकते हैं।
कुछ क्षेत्रों में मगरमच्छ के मांस को पारंपरिक या विशेष भोजन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, यह चीन के आम लोगों का रोजाना खाया जाने वाला भोजन नहीं माना जाना चाहिए।

मगरमच्छ का मांस कैसा होता है?
मगरमच्छ के मांस को आमतौर पर सफेद और अपेक्षाकृत हल्का मांस बताया जाता है। इसकी तुलना कई बार चिकन या मछली जैसे मांस से की जाती है। स्वाद और बनावट मगरमच्छ के शरीर के हिस्से और पकाने के तरीके के अनुसार बदल सकती है।
कई जगह इसे मसालों के साथ मैरीनेट करके ग्रिल किया जाता है।
सिर्फ चीन और थाईलैंड ही नहीं
दक्षिण-पूर्व एशिया के अलावा ऑस्ट्रेलिया और कुछ अन्य क्षेत्रों में भी मगरमच्छ या संबंधित प्रजातियों के मांस का सीमित व्यावसायिक इस्तेमाल होता है। लेकिन इसकी बिक्री और खपत स्थानीय कानूनों, वन्यजीव संरक्षण नियमों और लाइसेंसिंग पर निर्भर करती है।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि इन देशों में हर जगह मगरमच्छ का मांस सामान्य स्ट्रीट फूड है। कई स्थानों पर यह सिर्फ विशेष बाजारों या पर्यटन क्षेत्रों तक सीमित रहता है।
वन्यजीव संरक्षण भी जरूरी
मगरमच्छ की सभी प्रजातियों का शिकार या व्यापार कानूनी नहीं है। कई प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण कानूनों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के तहत संरक्षित हैं। इसलिए मगरमच्छ के मांस या उससे बने किसी भी उत्पाद की खरीद-बिक्री स्थानीय कानूनों के अनुसार ही की जानी चाहिए।
निष्कर्ष
मगरमच्छ का मांस कुछ देशों में वास्तव में भोजन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसे पूरे देश की सामान्य खान-पान की आदत बताना सही नहीं होगा। थाईलैंड और चीन के कुछ हिस्सों समेत दक्षिण-पूर्व एशिया में इसका सीमित बाजार मौजूद है, जहां इसे खास तौर पर बाजारों और कुछ पर्यटन क्षेत्रों में देखा जा सकता है।


