देश-विदेश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने देशवासियों को दिया मंत्र

लाल किले की प्राचीर से देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं को फोकस में रखते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए सप्त शक्ति-सप्तधारा का मंत्र दिया।

इसमें रक्षा क्षेत्र, गति शक्ति, ब्लू और हरित इकोनॉमी तथा मैनुफैक्चरिंग से लेकर सॉफ्ट पावर के सात क्षेत्रों के विकास की गति में तेजी लाने का आहृवान किया।

संसद तथा विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने की प्रतिबद्धता जताते हुए राजनीतिक दलों का इसमें सहयोग मांगा।

युवाओं को साधने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग से लेकर अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल प्रशिक्षण देने जैसी घोषणाएं की। तो माओवादी विचारों के प्रभाव को लेकर आगाह हुए कहा कि देश नक्सल मुक्त जरूर हुआ है मगर दिमागी नक्सली मौके की तलाश में हैं और इसलिए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना होगा।

प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की बड़ी बातें

प्रधानमंत्री ने आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक सशक्त नागरिक सुरक्षा नेटवर्क का निर्माण, 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने, अधिक सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने, आर्थिक सुधारों को गति देने से लेकर लखपति दीदियों की संख्या तीन से बढ़ाकर छह करोड़ करने का नया लक्ष्य दिया।

लालकिले की प्राचीर से लगातार अपने 13वें राष्ट्र के नाम करीब 75 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की कार्य संस्कृति, सोच और व्यापक महत्वाकांक्षा में बदलाव का आह्वान करते हुए नागरिकों, सरकारों, उद्योग, किसानों, युवाओं और समाज के अन्य वर्गों द्वारा सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। विशेषकर युवाओं से विकसित भारत के सपने की दिशा में समाज और अर्थव्यवस्था दोनों में नेतृत्व की भूमिका निभाने को कहा।

परिसीमन बिल की दुबारा वापसी की चर्चाओं के बीच पीएम ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने का समर्थन करने की सभी राजनीतिक दलों से अपील कर इसे सरकार के प्राथमिक एजेंडा में होने का संदेश दिया और कहा कि वे 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने में सहयोग करें तथा इसका श्रेय भी लें।

वामपंथी बुद्धिजीवियों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों की कुर्बानियों के बाद देश ने नक्सलवाद का खात्मा किया है, बावजूद सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि हथियारबंद नक्सली भले चले गए हों लेकिन ‘दिमागी नक्सली’ अभी भी छिपे हुए हैंं।

विकसित भारत के लक्ष्य के लिए मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति-शक्ति, रक्षा शक्ति हरित और ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर की सात धाराओं (सप्तधारा) का रोडमैप देते हुए प्रधानमंत्री ने एक मजबूत सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर तथा रक्षा उत्पादन का वैश्विक हब बनाने की बात कही।

12 साल के काम-काज दी रिपोर्ट

अपने 12 साल के कार्यकाल की प्रगति रेखांकित करते हुए कहा कि ‘फ्रैजाइल फाइव’ से हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं।

इसमें चुनौतियों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि कुछ देशों द्वारा संसाधनों और रणनीति समुद्री रास्तों का सैन्यीकरण कर भारत की आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया जा रहा है। इसके मद्देनजर आत्मनिर्भरता बढ़ाना जरूरी है, विशेषकर ऊर्जा और मिनरल्स समेत जरूरी क्षेत्रों में घरेलू क्षमता को मजबूत करना अनिवार्य है।

लालकिले की प्राचीर के सामने चारों ओर लहराते तिरंगे के बीच पीएम मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत के लिए अहम बताते हुए 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा निर्माण का लक्ष्य रखने की घोषणा की। खेत से निर्यात बाजार की ओर बढ़ने और भारत के पारंपरिक खाद्य पदार्थों, श्रीअन्न, मसालों, फलों और फूलों को वैश्विक ब्रांडों में बदलने का आह्वान किया।

प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में एआई, क्वांटम, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स और डेटा केंद्रों सहित उभरते क्षेत्रों में भारत को केवल दुनिया के लिए एक बाजार ही नहीं बल्कि नवाचार का केंद्र बनने की बात कही। मेड-इन-इंडिया 6जी को हर कोने तक पहुंचाने को लक्ष्य बनाने पर जोर दिया।

गति शक्ति के लिए पीएम ने शहरों, आधुनिक राजमार्गों, अंतर्देशीय जलमार्गों, हवाई अड्डों और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को जोड़ने वाली हाई-स्पीड रेल के माध्यम से निर्बाध और तेज कनेक्टिविटी को लक्ष्य बताया।

रक्षा शक्ति के लिए भारत को अगली पीढ़ी की रक्षा प्रौद्योगिकियों को विकसित करके वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनने की आवश्यकता बताई। विशेष रूप से ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम विकसित करने और हाइपरसोनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों में नेतृत्व करने का आह्वान किया।

हरित अर्थव्यवस्था और नीली अर्थव्यवस्था के लिए हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, मत्स्य पालन, तटीय पर्यटन, महासागर प्रौद्योगिकी जैसे अवसरों को रेखांकित किया। जबकि सॉफ्ट पावर के तहत पीएम ने योग, आयुर्वेद, समग्र स्वास्थ्य सेवा, हस्तशिल्प, संस्कृति, फिल्मों, वीएफएक्स, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट को भारत की अपनी ताकत बनाने की बात कही।

भारत की महत्वाकांक्षाओं को व्यापक बनाने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने आने वाले दशक में फॉर्च्यून 500 में भारत की 50 कंपनियां और दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में भारत के एक बैंक के शामिल होने के लिए काम करने की बात कही।

गांधी-नेहरू और बोस को किया याद

आजादी के बाद लालकिले पर पहली बार वंदे मातरम का इस बार पूरा गायन हुआ। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा नेताजी सुभाषचंद्र बोस समेत स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं की कुर्बानियों को याद करने के क्रम में लंबे अर्से बाद देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू के योगदान का भी उल्लेख किया।

सामाजिक सुधारों के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने नशा मुक्त भारत के लक्ष्य में हर परिवार के जुड़ाव की जरूरत बताते हुए कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकना एक सामूहिक जिम्मेदारी बनना चाहिए।

ऑनलाइन फ्री कोचिंग की शुरुआत

गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार के युवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग पर होने वाले खर्च की चिंता को वास्तविक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम इन परिवारों की की मदद के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन फ्री कोचिंग शुरू करने जा रहे हैं।

कार्य संस्कृति में बदलाव पर बल देते हुए पीएम ने कहा कि इस सदी की अगली तिमाही भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। देश न तो रुक सकता है और न ही अपनी गति को धीमा होने दे सकता है। इसलिए जो कार्य पिछले पांच-सात दशकों में पूरे नहीं हुए उन्हें आने वाले पांच-सात वर्षों में पूरा करना होगा।

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