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लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर दूसरे दिन भी तीखी बहस, विपक्ष ने सरकार को घेरा; शिक्षा सुधार पर गरमाई राजनीति

Anti Paper Leak Bill 2026: लोकसभा में दूसरे दिन भी गरमाई बहस, विपक्ष ने सरकार को कई सवालों पर घेरा

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) विधेयक, 2026’ यानी एंटी-पेपर लीक बिल को लेकर दूसरे दिन भी लोकसभा में जोरदार बहस देखने को मिली। सरकार इस विधेयक को देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष ने इसे पर्याप्त नहीं बताते हुए कई गंभीर सवाल उठाए।

सदन में चर्चा के दौरान परीक्षा सुरक्षा, छात्रों के भविष्य, परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही और पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई जैसे मुद्दे केंद्र में रहे।


दूसरे दिन भी विपक्ष के निशाने पर सरकार

विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया कि देशभर में लगातार सामने आए पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। विपक्ष का कहना था कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही तय करना भी जरूरी है।

कई विपक्षी सांसदों ने छात्रों के हालिया आंदोलनों का भी उल्लेख करते हुए सरकार से भरोसा बहाल करने की मांग की।


सरकार ने बताया क्यों जरूरी है नया कानून

सरकार की ओर से विधेयक का बचाव करते हुए कहा गया कि पेपर लीक एक संगठित अपराध का रूप ले चुका है और इससे निपटने के लिए कठोर कानूनी प्रावधान आवश्यक हैं।

सरकार का दावा है कि नए कानून के लागू होने के बाद—

  • पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
  • संगठित गिरोहों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
  • परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा।
  • छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

बिल में क्या हैं प्रमुख प्रावधान?

प्रस्तावित संशोधन के तहत परीक्षा से जुड़े अपराधों पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य केवल दोषियों को सजा देना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकना भी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत हो सकती है।


छात्रों का मुद्दा बना बहस का केंद्र

सदन में कई सांसदों ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षाओं में शामिल होते हैं और पेपर लीक की घटनाएं उनके भविष्य के साथ अन्याय करती हैं।

कुछ सांसदों ने परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा और तकनीकी सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की।


संसद में दिखी तीखी नोकझोंक

चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी बहस हुई। विपक्ष ने सरकार से पिछले पेपर लीक मामलों पर जवाब मांगा, जबकि सरकार ने कहा कि वह दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और नई व्यवस्था इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


देशभर की नजर संसद पर

एंटी-पेपर लीक बिल को लेकर देशभर के छात्र, अभिभावक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवार संसद की कार्यवाही पर नजर बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि यह कानून भविष्य की परीक्षा व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।


निष्कर्ष

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर दूसरे दिन भी चर्चा जारी रही। सरकार इसे परीक्षा प्रणाली में सुधार का मजबूत कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे और अधिक प्रभावी बनाने की मांग कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बहस के बाद इस विधेयक में क्या बदलाव होते हैं और इसे अंतिम रूप कब मिलता है।

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