‘प्रधानमंत्री जो रात-रात वीडियो बना रहे हैं…’, राहुल गांधी का बड़ा हमला
राहुल गांधी का PM मोदी पर तीखा हमला, बोले- ‘रात-रात वीडियो बनाने से नहीं, छात्रों की बात सुनने से होगा समाधान’

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राजधानी दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। छात्रों के आंदोलन और कथित पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को सोशल मीडिया संदेशों और वीडियो से आगे बढ़कर छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज़ सुनने के बजाय उनके विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भरोसा बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी का नाम लेते हुए कहा कि केवल वीडियो संदेश जारी करने या सुझाव मांगने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि छात्रों को वास्तविक न्याय और पारदर्शी व्यवस्था चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि यदि लाखों छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हैं, तो सरकार को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए।
छात्रों को दिया भरोसा
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा—
“चिंता मत करो। भारत सरकार की पूरी ताकत भी आपको आपकी लोकतांत्रिक आवाज़ उठाने से नहीं रोक सकती।”
राहुल गांधी के अनुसार छात्रों की मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जा रहा है और सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि—
- छात्रों के साथ संवाद की कमी है।
- शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय नहीं हो रही।
- युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
- आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती अपनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
पेपर लीक मुद्दे पर फिर घेरा
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग दोहराई।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
राहुल गांधी के इस बयान के बाद पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का हवाला दे रही है।
आगे क्या?
अब राजनीतिक हलकों की नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है। यदि सरकार और आंदोलनकारी पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है, तो शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं।
निष्कर्ष
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज़ सुनना सरकार की जिम्मेदारी है और केवल संदेशों या वीडियो से समस्या का समाधान संभव नहीं है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और देश की राजनीति में प्रमुख बना रह सकता है।

