नींद में मुंह से सांस लेना किस बीमारी का संकेत? एक्सपर्ट ने बताए गंभीर कारण, जानिए कब हो जाएं सतर्क
नींद में मुंह से सांस लेना किस बीमारी का संकेत? एक्सपर्ट ने बताए गंभीर कारण और बचाव के तरीके

रात में सोते समय मुंह खुला रहना और मुंह से सांस लेना कई लोगों के लिए सामान्य बात लग सकती है। अक्सर इसे सर्दी, जुकाम या थकान का असर मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो यह केवल आदत नहीं बल्कि किसी अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में व्यक्ति को नाक से सांस लेनी चाहिए। यदि सोते समय बार-बार मुंह से सांस लेनी पड़ रही है, तो इसके पीछे नाक का बंद होना, एलर्जी, टॉन्सिल का बढ़ना या ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (Obstructive Sleep Apnea) जैसी स्थिति भी हो सकती है। इसलिए इसे लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
नींद में मुंह से सांस लेने के प्रमुख कारण
1. नाक बंद होना
सर्दी, एलर्जी, साइनस इंफेक्शन या नाक की सूजन के कारण व्यक्ति नाक से ठीक तरह सांस नहीं ले पाता, जिससे मुंह से सांस लेने की आदत हो जाती है।
2. स्लीप एपनिया (Sleep Apnea)
यह एक गंभीर नींद संबंधी विकार है, जिसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती और फिर शुरू होती है। इस समस्या में जोरदार खर्राटे, रात में घुटन महसूस होना और मुंह से सांस लेना आम लक्षण हो सकते हैं।
3. टॉन्सिल या एडेनॉइड्स का बढ़ना
बच्चों और कुछ वयस्कों में टॉन्सिल या एडेनॉइड्स बढ़ जाने से वायुमार्ग संकरा हो जाता है, जिससे मुंह से सांस लेने की समस्या हो सकती है।
4. नाक की संरचनात्मक समस्या
नाक की हड्डी टेढ़ी होना (Deviated Nasal Septum) या नाक में पॉलिप्स जैसी समस्याएं भी सामान्य सांस लेने में बाधा बन सकती हैं।
5. एलर्जी
धूल, परागकण, पालतू जानवरों के बाल या अन्य एलर्जी के कारण नाक बंद रहती है और व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है।
मुंह से सांस लेने के नुकसान
यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो कई परेशानियां हो सकती हैं—
- सुबह उठते ही मुंह और गला सूखना।
- खर्राटे आना।
- बार-बार गले में संक्रमण।
- नींद पूरी न होना।
- दिनभर थकान और सुस्ती।
- सिरदर्द।
- बच्चों में चेहरे और दांतों के विकास पर असर पड़ सकता है।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि आपको इनमें से कोई लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर या ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित होगा—
- कई हफ्तों से लगातार मुंह से सांस लेना।
- तेज खर्राटे।
- नींद के दौरान सांस रुकने जैसा महसूस होना।
- सुबह उठने पर अत्यधिक थकान।
- दिनभर नींद आना।
- बार-बार गला सूखना या दर्द होना।
बचाव के आसान उपाय
- एलर्जी और सर्दी का समय पर इलाज कराएं।
- सोने से पहले नाक साफ रखें।
- पर्याप्त पानी पिएं।
- स्वस्थ वजन बनाए रखें।
- धूम्रपान से बचें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।
- यदि स्लीप एपनिया का संदेह हो, तो डॉक्टर की सलाह पर स्लीप स्टडी (Sleep Study) कराई जा सकती है।
क्या हर बार मुंह से सांस लेना गंभीर बीमारी का संकेत है?
नहीं। यदि सर्दी-जुकाम या अस्थायी नाक बंद होने के कारण कुछ दिनों तक मुंह से सांस लेनी पड़ रही है, तो यह सामान्य हो सकता है। लेकिन यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या खर्राटों, दिन में अत्यधिक नींद, सांस रुकने जैसे लक्षणों के साथ हो, तो इसकी चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
निष्कर्ष
नींद में मुंह से सांस लेना हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन इसे लगातार नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। यदि यह आदत लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो किसी ईएनटी विशेषज्ञ या स्लीप मेडिसिन विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर रहेगा। समय पर पहचान और सही उपचार से कई संभावित समस्याओं से बचा जा सकता है।




