PM मोदी ने बताया कैसे इथेनॉल मिश्रण से कम हुई विदेशी तेल पर निर्भरता

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते कच्चे तेल के आयात में कटौती के बीच पीएम मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ‘इथेनॉल मिश्रण’ को एक गेम-चेंजर बताया है। पीएम मोदी ने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से भारत ने अब तक 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल के आयात को बचाया है, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
दरअसल, शनिवार को नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति में उत्पन्न अस्थिरता पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही भारत के इथेनाल मिश्रण को महत्वपूर्ण बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि अगर पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट न की जाती तो देश को सालाना 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल का अतिरिक्त आयात करना पड़ता- जो 700 करोड़ लीटर के बराबर है।
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक संकट के बीच किसानों के प्रयासों से देश को काफी राहत मिली है। इथेनॉल उत्पादन से न केवल देश को बल्कि किसानों को भी लाभ हुआ है, बल्कि लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
डेडलाइन से पहले भारत ने हासिल किया लक्ष्य
भारत ने निर्धारित समय से पहले ही 2025 में पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने का अपना E20 लक्ष्य हासिल कर लिया है। यह लक्ष्य मोदी सरकार के नेतृत्व में ईंधन आयात बिल कम करने और उत्सर्जन घटाने के लिए निर्धारित किया गया था।
भारत के इथेनॉल क्षेत्र की कुल उत्पादन क्षमता अब लगभग 2,000 करोड़ लीटर है, जिसमें से 1,000 करोड़ लीटर से अधिक का उपयोग पेट्रोल में मिलाने के लिए किया जाता है।
भारत पर कोई असर नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। भारत ने अपनी आपूर्ति सुरक्षित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया है कि आम लोग मूल्य वृद्धि से प्रभावित न हों। हम वो सभी जरुरी उपाय कर रहे हैं, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


