देश-विदेश

नेशनल हेराल्ड केस: कोर्ट ने सोनिया-राहुल व अन्य आरोपियों से मांगा जवाब

नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुनवाई करते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य आरोपियों से जवाब मांगा है। कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को करेगा।

शनिवार की सुनवाई के दौरान सुब्रमण्यम स्वामी ने अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा-294 के तहत आरोपियों से दस्तावेजों के परीक्षण की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं की तरफ से कहा गया कि याचिकाकर्ता नोटिस को सही तरीके से पेश नहीं करा पाए हैं। इसपर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि कांग्रेस की पूरी लीगल टीम विदेश में जिसकी वजह से वे पेश नहीं करा पाए हैं। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 22 जुलाई तक का समय दिया।

पिछले 22 अप्रैल को स्वामी ने कोर्ट से गवाहों की अतिरिक्त सूची पेश करने के लिए और समय की मांग की थी। स्वामी की ओर से कोर्ट को कहा गया था कि वोरा और हुड्डा से प्रवर्तन निदेशालय ने भी पूछताछ की है। हम इस मसले पर बहस करेंगे आप हमें समय दीजिए। स्वामी की इस मांग का सोनिया गांधी की तरफ से विरोध किया गया था। उन्होंने कहा कि स्वामी पहले भी ये कह चुके हैं लेकिन 2014 के बाद की कोई घटना का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।

इसके पहले, 25 मार्च को सोनिया गांधी समेत सभी प्रतिवादियों ने पटियाला हाउस कोर्ट में जवाब दाखिल कर उनके आरोपों को नकारा था। उसके पहले कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी की गवाहों की सूची और अन्य साक्ष्यों को मंजूर कर लिया था। पहले की सुनवाई में कोर्ट ने स्वामी की इस दलील को खारिज कर दिया था कि कांग्रेस पार्टी और एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के खाते और दस्तावेज मांगे जाएं।

बता दें कि एजेएल नेशनल हेराल्ड अखबार की मालिकाना कंपनी है। कांग्रेस ने 26 फरवरी 2011 को इसकी 90 करोड़ रुपये की देनदारियों को अपने जिम्मे ले लिया था। इसके बाद 5 लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई गई, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी है। बाकी की 24 फीसदी हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के पास है।

इसके बाद एजेएल के 10-10 रुपये के नौ करोड़ शेयर नयी बनायी कंपनी यंग इंडियन को दे दिए गए। इसके बदले यंग इंडियन को कांग्रेस का लोन चुकाना था। नौ करोड़ शेयर के साथ यंग इंडियन को इस कंपनी के 99 फीसदी शेयर हासिल हो गए। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का लोन भी माफ कर दिया। यानी यंग इंडियन को एजेएल का स्वामित्व मिल गया।

सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि यह सब कुछ दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस की 1600 करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ अपनी याचिका में स्वामी ने लिखा है कि साजिश के तहत यंग इंडियन लिमिटेड को एजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया है।

स्वामी का कहना है कि हेराल्ड हाउस को केंद्र सरकार ने समाचार पत्र चलाने के लिए जमीन दी थी, इस लिहाज से उसे व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जबकि गांधी परिवार ने दलील दी थी कि उन्हें बेवजह प्रताड़ित करने के मकसद से अदालत के समक्ष याचिका लगाई गई है। जिन दस्तावेजों की स्वामी मांग कर रहे हैं, वह कांग्रेस पार्टी और एजेएल के गोपनीय दस्तावेज हैं। यह दस्तावेज स्वामी को नहीं दिए जाने चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button