जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल से हटाने पर SC की दो टूक

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के प्रमुख केंद्र रहे जंतर-मंतर को तय प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उनका रुख स्पष्ट करने को कहा है।
दरअसल, हाल ही में दिल्ली पुलिस ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जंतर-मंतर की जगह अब विरोध-प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड (शाहदरा) को चिन्हित किया गया है।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें केंद्र सरकार के जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की तय जगह की सूची से हटाने के फैसले को चुनौती दी गई है।
इस याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांग रहे हैं। उन्हें जवाब देने दें। अगर उनका जवाब संतोषजनक नहीं होता है, तो कानून अपना काम करेगा।’
जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से क्यों हटाया गया?
केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह की सूची से हटाने का फैसला एक समिति की सिफारिश पर लिया गया था।
उल्लेखनीय है कि राजधानी दिल्ली बीचों-बीच स्थित जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए सबसे चर्चित जगह है। जुलाई महीने में यहां नीट पेपर लीक को लेकर लगातार कई दिनों तक प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद अब वोट चोरी के आरोप को लेकर यहां विपक्ष और सीजेपी प्रदर्शन करने की योजना बना चुके हैं, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई।


