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Weather Update: दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में बदला मौसम, आंधी-बारिश और बिजली का अलर्ट

दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में बदला मौसम, आंधी-बारिश का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह की शुरुआत के साथ मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 8 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली-हरियाणा-चंडीगढ़ क्षेत्र में आंधी और बिजली गिरने जैसी गतिविधियां हो सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम का मिजाज

राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से तापमान और उमस के बीच अब मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। IMD के दिल्ली-एनसीआर पूर्वानुमान में 8 अक्टूबर को थंडरस्टॉर्म और बिजली की संभावना बताई गई है। वहीं, आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधि सीमित रहने के संकेत हैं। राजधानी में बादल छाने और हल्की बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी कुछ राहत मिल सकती है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अक्टूबर में मानसून की वापसी के दौरान कई बार स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण अचानक बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में सुबह मौसम साफ होने के बावजूद दोपहर या शाम के समय मौसम तेजी से बदल सकता है।

यूपी के पश्चिमी हिस्से में आंधी का असर

उत्तर प्रदेश में भी मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं है। IMD ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 अक्टूबर को आंधी-तूफान और बिजली के लिए चेतावनी जारी की है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए इस दिन कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है।

लखनऊ समेत कुछ इलाकों में हल्की और छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि पूरे राज्य में एक समान बारिश नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर बादलों की स्थिति और हवा की दिशा के कारण मौसम में अंतर देखने को मिल सकता है।

उत्तराखंड और पहाड़ी इलाकों में ज्यादा सक्रिय मौसम

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। IMD ने उत्तराखंड में 8 और 9 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट दिया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी आंधी और बिजली की गतिविधियां संभव हैं।

ऐसे मौसम में पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है। बारिश के दौरान भूस्खलन या सड़क बाधित होने जैसी स्थानीय समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में बारिश का ज्यादा असर

जहां उत्तर भारत में मानसून वापसी की प्रक्रिया चल रही है, वहीं केरल और तमिलनाडु में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। IMD ने इन राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कई इलाकों में बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून देश से धीरे-धीरे पीछे हट रहा है। IMD के अनुसार, मानसून की वापसी एक क्रमिक प्रक्रिया है और इसके दौरान भी कई क्षेत्रों में बारिश जारी रह सकती है। इसलिए मानसून की विदाई शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि देश के सभी हिस्सों में बारिश तुरंत बंद हो जाएगी।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

मौसम में अचानक बदलाव के बीच खुले स्थानों पर रहने, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा। वाहन चालकों को बारिश और तेज हवा के दौरान गति नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है।

कुल मिलाकर, मानसून की वापसी के बावजूद बारिश और आंधी का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दिल्ली, पश्चिमी यूपी और उत्तर भारत के कुछ इलाकों में जहां मौसम अस्थिर रहेगा, वहीं दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश ज्यादा सक्रिय रह सकती है।

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