असम में बाढ़ से हालात भयावह, 80 लोगों की मौत; सरकार ने 6 महीने तक लोन चुकाने में दी राहत
असम बाढ़ का कहर: 80 लोगों की मौत, सरकार का बड़ा फैसला; प्रभावित परिवारों को 6 महीने तक लोन चुकाने से राहत

गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिले अब भी पानी में डूबे हुए हैं। बाढ़ से अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए 6 महीने तक बैंक लोन और EMI चुकाने में छूट (Moratorium) देने का फैसला किया है।

कई जिले अब भी बाढ़ की चपेट में
ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ का संकट गहरा गया है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में—
- धुबरी
- बारपेटा
- नगांव
- मोरीगांव
- कछार
- गोलपाड़ा
- डिब्रूगढ़
जैसे जिले शामिल हैं।
सैकड़ों गांव अब भी जलमग्न हैं और कई सड़कें तथा पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
80 लोगों की मौत, हजारों परिवार प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 80 लोगों की जान जा चुकी है।
इसके अलावा—
- हजारों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
- बड़ी संख्या में पशुधन का नुकसान हुआ है।
- लाखों लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
- कृषि भूमि का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है।
सरकार ने दी बड़ी राहत
बाढ़ प्रभावित लोगों की आर्थिक मुश्किलों को देखते हुए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण राहत पैकेज की घोषणा की है।
इसके तहत—
- प्रभावित जिलों के पात्र लोगों को 6 महीने तक बैंक लोन और EMI चुकाने में राहत मिलेगी।
- बैंकों के साथ समन्वय कर विशेष व्यवस्था लागू की जाएगी।
- किसानों और छोटे व्यापारियों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
- राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत मिलेगी।
राहत और बचाव अभियान जारी
राज्य सरकार, NDRF, SDRF, सेना और स्थानीय प्रशासन मिलकर लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।
राहत कार्यों के तहत—
- नावों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
- राहत शिविरों में भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- पीने के पानी और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति की जा रही है।
- संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान
लगातार बारिश और बाढ़ के कारण धान, सब्जियों और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बाढ़ का असर आने वाले महीनों में उत्पादन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है।
मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि—
- किसी भी प्रभावित परिवार को राहत से वंचित न रखा जाए।
- चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जाए।
- जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
- पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए।
निष्कर्ष
असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। 80 लोगों की मौत के बीच सरकार ने प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए 6 महीने तक लोन भुगतान में छूट का बड़ा फैसला लिया है। हालांकि मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और राहत कार्य लगातार जारी हैं।



