Sanju Samson ने सेमीफाइनल में जीत के बाद शेयर की वापसी की पूरी कहानी

टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने गुरुवार रात इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह पक्की की। नॉक आउट मैच में भारतीय ओपनर संजू सैमसन शतक से चूक गए और उन्होंने 89 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
इससे पहले वेस्टइंडीज की खिलाफ करो या मरो वाले मैच में संजू बल्ले से चमके थे। उन्होंने नाबाद 97 रन की पारी खेली थी। संजू का शतक भले ही दोनों मैच में अधूरा रहा हो पर टीम इंडिया ने इन्हें जीता। ऐसे में सेमीफाइनल मैच के बाद संजू सैमसन से शतक मिस होने का सवाल पूछा गया और उन्होंने इसका मजेदार जवाब भी दिया।
शतक मिस करने पर बोले
संजू ने कहा, “2 सेंचुरी मिस नहीं हुआ है। एक 97 और एक 89 बनाया, बहुत बड़ी बात है। अगर मुझे अच्छा लग रहा है तो मैं अपनी टीम को अच्छी शुरुआत देता हूं। आजकल पावरप्ले में ही मैच बनता और बिगड़ता है। तो 3-4 बॉल के बाद आप अटैक ही करते हैं। जैसे अभिषेक करते आ रहे हैं। ईशान किशन और मैं कर रहा।”
उन्होंने कहा, “पावरप्ले में टॉप-3 बल्लेबाजों को प्रहार करना है। इससे कई बार आपका अच्छे रिजल्ट मिलेंगे तो कई बार मिलेगी, लेकिन आपको गेम प्लान नहीं बदलना है। हमारे पास 8 नंबर तक बैटिंग है। ऐसे में जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी करो। आपका दिन है तो अंत तक खेलो नहीं तो दूसरों को सपोर्ट करो।”
संजू का मिला एक जीवनदान
संजू सैमसन जब 15 रन बनाकर खेल रहे थे तो उन्हें एक जीवनदान मिला। हैरी ब्रूक ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। इस पर संजू ने कहा, “मैं बहुत लकी था कि मुझे चांस मिला। इस मौके को मैंने लपका। वह ऐसी गेंद थी, जिस पर प्रहार ही करना था। मैंने गेंद को हिट किया भी। पर कोई बात नहीं, कैच छूट गया। अगली बार मैं और जोर से हिट करूंगा। काफी समय से मेरी किस्मत खराब चल रही थी, इसलिए कभी-कभी किस्मत का साथ मिलना ठीक है और मैंने सोचा कि इसका पूरा फायदा उठाऊं।”
ऐसी की संजू ने वापसी
शानदार वापसी को लेकर संजू ने कहा, “मैं प्रभाव डालना चाहता था और प्लेइंग-11 में एंट्री चाहता था, लेकिन यह फॉर्मेट बहुत अजीब है। दुनिया के बेस्ट प्लेयर भी इसमें रन बनाने के लिए संघर्ष करते हैं। इसलिए मुझे अपनी बेसिक्स पर जाना पड़ा। कठिन समय में मेरे करीबी लोग साथ थे। मैंने फोन बंद कर दिया था, मैं सोशल मीडिया पर नहीं था और अब भी नहीं हूं। कम शोर और कम लोगों से बातचीत ने मुझे सही दिशा में फोकस करने में मदद की।”


