उत्तराखंड

“सेफर इंटरनेट डे” पर दी गयी साइबर जागरूकता

देहरादून,13 फ़रवरी, NIC उत्तराखण्ड द्वारा विद्यालयी शिक्षा निदेशालय के सहयोग से देहरादून में विभिन्न राजकीय विद्यालयों में “सेफर इंटरनेट डे” का आयोजन किया गया। इस विषय पर राज्य सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारियों  ने, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य प्रतिभागियों को साइबर क्राइम तथा साइबर जागरूकता के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रायः हो रहे ऑनलाइन फ्रॉड एवं ए.आई. का दुरुपयोग जैसे डीपफेक एवं अन्य प्रकार के फ्रॉड से समाज को सुरक्षित करने को जागरूकता फैलाना है। इस संबंध में स्वयं तथा परिजनों को जागरूक करने की आवश्यकता है। भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष फरवरी माह के द्वितीय मंगलवार को “सेफर इंटरनेट डे” का आयोजन किया जाता है।

इसका उद्देश्य डिजिटल दुनिया में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर इंटरनेट वातावरण को बढ़ावा देना है। यह एक अंतरराष्ट्रीय जागरूकता अभियान है, जो जिम्मेदार और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को प्रोत्साहित करता है। इस वर्ष सुरक्षित इंटरनेट दिवस “स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प, ए.आई. के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग” थीम पर केंद्रित रहा ।इस अवसर पर रा.बा.इं.का. राजपुर रोड तथा रा.इं.का. रायपुर  में  लगभग 200 तथा वर्चुअल माध्यम से 1100 से अधिक  स्कूलों में लगभग 30000 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त 200 स्थानों से यू-ट्यूब लिंक के  माध्यम से भी  प्रतिभाग किया गया।

इन कार्यशालाओं के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा विषय से संबंधित प्रश्न भी  पूछे गए।  विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को साइबरबुलिंग, व्यक्तिगत डेटा गोपनीयता और ऑनलाइन फ्रॉड (जैसे फ़िशिंग, बैंकिंग धोखाधड़ी) के बढ़ते खतरों से बचाव के उपयोग बताए। साइबर हाइजीन तथा ए.आई.   के जिम्मेदार उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि व्यक्तिगत जानकारी, तस्वीरें या अपनी लोकेशन सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने से बचें। अनजान ई-मेल या मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में,  साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in   या टोल फ्री नंबर 1930  पर  शिकायत कर सकते हैं।

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