ऐतिहासिक समुद्री मार्गों पर फिर निकला आइएनएस सागरध्वनि

भारत की समुद्री विज्ञानी विरासत को नई ऊर्जा देते हुए, आइएनएस सागरध्वनि को ‘सागर मैत्री’ अभियान के पांचवें संस्करण के लिए शनिवार को कोच्चि से रवाना किया गया।
इस अभियान की विशेष बात यह है कि इसके तहत आइएनएस सागरध्वनि, वर्ष 1962-65 के दौरान अंतरराष्ट्रीय हिंद महासागर अभियान में भाग लेने वाले पोत आइएनएस कृष्णा के ऐतिहासिक समुद्री मार्गों का पुन: अनुसरण करेगी।
दक्षिणी नौसेना कमान में आयोजित ध्वजारोहण समारोह की अध्यक्षता राधा मोहन सिंह, अध्यक्ष, संसदीय स्थायी समिति (रक्षा) ने की। रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, सागर मैत्री भारतीय नौसेना और डीआरडीओ की एक प्रमुख संयुक्त पहल है, जो भारत सरकार की ‘सागर’ की अवधारणा के अनुरूप है।
इसका उद्देश्य ¨हद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच समुद्र विज्ञान अनुसंधान, वैज्ञानिक सहयोग, क्षमता निर्माण और सामाजिक-आर्थिक सहभागिता को सु²ढ़ करना है।
यह पहल ओमान, मालदीव, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और म्यांमार सहित आठ ¨हद महासागर क्षेत्रीय देशों के साथ दीर्घकालिक विज्ञानी सहयोग को बढ़ावा देगी।


