कौन हैं अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया और वेदांता ग्रुप में क्या है उनकी जिम्मेदारी?

अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया है, जिससे वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) के भविष्य की लीडरशिप पर चर्चा शुरू हो गई है। अब उनकी बेटी प्रिया अग्रवाल को अगली पीढ़ी के नेतृत्व के लिए प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। प्रिया वेदांता लिमिटेड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और ESG पहलों में सक्रिय हैं।
ये समय वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और उनके परिवार के लिए काफी दुख वाला है, क्योंकि उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल का बीते बुधवार को अमेरिका में कार्डियक अरेस्ट से 49 साल की उम्र में निधन हो गया। इस दुखद घटना से अग्रवाल परिवार पेरशानी में है। वेदांता ग्रुप (Vedanta Group), अनिल अग्रवाल और उनके परिवार को लोगों ने अपनी संवेदनाएं और सहानुभूति व्यक्त कीं। दुख के साथ-साथ, अब इस बात पर भी चर्चा होने लगी है कि वेदांता ग्रुप का भविष्य किसके हाथ में होगा?
अनिल अग्रवाल की मामूली शुरुआत
अनिल अग्रवाल ने बहुत मामूली शुरुआत से अपना एक बड़ा बिजनेस एम्पायर बनाया और भारत के सबसे अमीर इंडस्ट्रियलिस्ट में से एक बन गए। उनकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग 29,000 करोड़ रुपये है। अनिल अग्रवाल के अग्निवेश को अगली पीढ़ी की लीडरशिप का एक अहम हिस्सा माना जाता था।
हालांकि अग्निवेश वेदांता के बोर्ड में किसी पद पर नहीं थे, लेकिन वह फुजैराह गोल्ड जैसी कंपनियों सहित कई बिजनेस वेंचर्स में शामिल थे। उनके अचानक निधन से अब वेदांता ग्रुप की नेक्स्ट-जेन लीडरशिप के लिए प्रिया अग्रवाल (Priya Agarwal ) को लेकर चर्चा चल रही है, जो कि अनिल अग्रवाल की बेटी हैं।
वेदांता में क्या है प्रिया अग्रवाल की भूमिका?
अग्निवेश के निधन के बाद अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल फैमिली बिजनेस को आगे बढ़ा सकती हैं। फिलहाल प्रिया वेदांता लिमिटेड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वह कंपनी के जरूरी फैसलों में एक्टिव रूप से शामिल रहती हैं और ग्रुप में एनवायरनमेंटल, सोशल और गवर्नेंस (ESG) इनिशिएटिव्स को बढ़ावा देने के लिए भी जानी जाती हैं।
कारों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट करती हैं यूज
रिपोर्ट्स के अनुसार एक अरबपति की बेटी होने के बावजूद, प्रिया सिम्पल वैल्यू के साथ बड़ी हुईं। अनिल अग्रवाल ने एक बार सोशल मीडिया पर कहा था कि प्रिया ने कभी स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं मांगा। लंदन में रहते हुए भी, वह अक्सर प्राइवेट कारों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करती रही हैं।
कितनी है नेटवर्थ?
प्रिया ने मेटल्स सेक्टर में भी अपनी पहचान बनाई है। उनकी लीडरशिप में, हिंदुस्तान जिंक ने तब एक बड़ा मुकाम हासिल किया, जब इसने एक मिलियन टन से ज्यादा लेड मेटल का प्रोडक्शन किया। ऐसा कंपनी के इतिहास में पहली बार हुआ था।
रिपोर्ट्स के अनुसार 2025 की चौथी तिमाही तक, प्रिया अग्रवाल की 15 लिस्टेड कंपनियों में किए गए इन्वेस्टमेंट की वैल्यू 2,133.6 करोड़ रुपये से अधिक बताई गयी है।




