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50% टैरिफ से क्या नुकसान, कम होगी या बढ़ेगी महंगाई ब्याज दरें और घटेंगी

भारत पर 50 फीसदी टैरिफ और इंडिया व यूएस (RBI on India-US Trade Policy) के बीच ट्रेड को लेकर जारी अनिश्चितता का क्या असर हो सकता है, इस मुद्दे पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी राय रखी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बुलेटिन में कहा गया है कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड पॉलिसी को लेकर बनी अनिश्चितताएं नकारात्मक जोखिम पैदा कर रही हैं, हालांकि निकट भविष्य के लिए महंगाई का अनुमान ज्यादा संतुलित हो गया है। 

RBI द्वारा जारी अगस्त के बुलेटिन में कहा गया है कि अनुकूल बारिश और तापमान खरीफ सीजन के लिए शुभ संकेत हैं। ऐसे में वास्तविक ग्रामीण मजदूरी में वृद्धि से वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही में मांग को बढ़ावा मिल सकता है।

महंगाई दर और नीचे आने की संभावना
आरबीआई ने कहा है कि अनुकूल वित्तीय स्थिति, ब्याज दरों में जारी कटौती और सहायक राजकोषीय उपाय व्यापक स्तर पर मांग को बनाए रखने के लिए अनुकूल है। खाद्य पदार्थ की कीमतों में कमी के कारण मुख्य महंगाई दर वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में बढ़ने से पहले, दूसरी तिमाही में 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे आने की संभावना है।

बुलेटिन में कहा गया है कि मॉनेटरी पॉलिसी आने वाले आंकड़ों और विकसित हो रहे घरेलू विकास-महंगाई पर कड़ी निगरानी बनाए रखेगी, ताकि उचित मौद्रिक नीति तैयार की जा सके। इससे पहले फिच सॉल्यूशंस कंपनी बीएमआई ने कहा था कि आगामी जीएसटी रिफॉर्म, अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम कर सकता है। वहीं, एसबीआई रिसर्च की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी सुधारों और बजट में इनकम टैक्स में की गई कटौती से खपत में 5.31 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होने की उम्मीद है।

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