Blue Drum Case : मेरठ हत्याकांड: डेढ़ साल बाद खुला घर, बेड के अंदर से आई तेज बदबू!
Meerut News: 18 महीने बाद खुला सौरभ हत्याकांड वाला मकान, बेड के बॉक्स से आई दुर्गंध; मां और भाई का रो-रोकर बुरा हाल

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड से जुड़े मकान का ताला करीब 18 महीने बाद खोला गया। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र स्थित इस मकान के दरवाजे खुलते ही अंदर का नजारा देखकर हर कोई भावुक हो गया। घर में बिखरा सामान, बेड के बॉक्स से आती दुर्गंध और फर्श पर पड़े सीमेंट के अवशेष उस खौफनाक वारदात की यादें ताजा कर रहे थे। जिस कमरे में सौरभ की हत्या हुई थी, वहां पहुंचकर उसकी मां रेणू देवी और बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू अपने आंसू नहीं रोक सके।
18 महीने बाद खुले मकान के ताले, अंदर बिखरा पड़ा था सामान
मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में स्थित यह मकान सौरभ राजपूत हत्याकांड के बाद से बंद था। बुधवार शाम करीब पांच बजे पुलिस की मौजूदगी में मकान के मुख्य दरवाजे और अंदर जाने वाले हिस्से पर लगे ताले खोले गए। इस दौरान सौरभ की मां रेणू देवी, बड़े भाई राहुल और मकान मालिक ओमपाल सिंह मौजूद रहे।
दरवाजा खुलते ही घर के अंदर लंबे समय से बंद रहने का असर दिखाई दिया। कमरों में कपड़े, जूते और घरेलू सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। कई वस्तुओं को चूहों ने कुतरकर खराब कर दिया था। घर में रखे बेड के बॉक्स से भी तेज दुर्गंध आ रही थी। फर्श पर सीमेंट के अवशेष दिखाई दिए, जिससे वहां मौजूद लोगों को उस वारदात की याद आ गई, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
जिस कमरे में हुई थी हत्या, वहां पहुंचते ही रो पड़े मां और भाई
मकान खुलने के बाद सौरभ की मां और भाई उस कमरे में पहुंचे, जहां उसकी हत्या की गई थी। कमरे का नजारा देखकर दोनों भावुक हो गए। अपने बेटे और भाई की यादों से जुड़े उस घर में करीब डेढ़ साल बाद कदम रखना परिवार के लिए बेहद दर्दनाक पल था।
मां रेणू देवी अपने आंसुओं को रोक नहीं सकीं। बड़े भाई राहुल भी खुद को संभाल नहीं पाए और फूट-फूटकर रोने लगे। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों को संभाला। घर के अंदर सौरभ की बेटी पीहू की किताबें और खिलौने भी रखे मिले। लंबे समय तक मकान बंद रहने के कारण इन सामानों को भी नुकसान पहुंचा था।
पुलिस ने बनाई सामान की सूची, भाई को सौंपा सौरभ का सामान
मकान खोलने के दौरान पुलिस ने अंदर मौजूद वस्तुओं की सूची तैयार की और सामान को रिकॉर्ड में दर्ज किया। इसके बाद सौरभ के बड़े भाई राहुल को उसके कपड़े, फर्नीचर, बर्तन, लकड़ी का सामान और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं सौंप दी गईं।
परिवार के लोग मुस्कान और बच्ची पीहू के कपड़े तथा खिलौने अपने साथ नहीं ले गए। कुछ सामान मकान के अंदर ही छोड़ दिया गया। घर की बिजली भी कटी हुई थी, इसलिए सामान निकालने की प्रक्रिया में बिजली का कनेक्शन दोबारा जोड़ने की व्यवस्था करनी पड़ी।
मकान मालिक भी थे परेशान, लंबे समय से बंद था घर
इस मकान के मालिक ओमपाल सिंह लंबे समय से इसे खुलवाने की कोशिश कर रहे थे। वारदात के बाद पुलिस ने मकान के संबंधित हिस्से को बंद कर दिया था। इसके चलते मकान का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था और किराये से होने वाली आमदनी भी प्रभावित हुई थी।
मकान खुलने और सामान निकालने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ओमपाल सिंह ने वहां अपना ताला लगा दिया।
क्या था मेरठ का चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड?

यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था। पुलिस जांच के मुताबिक, सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की भूमिका सामने आई थी। आरोप था कि हत्या के बाद शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से छिपाने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था।
इस मामले में 14 अक्टूबर 2026 को मेरठ की अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। दोनों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
करीब 18 महीने बाद मकान खुलने से सौरभ के परिवार को उसका बचा हुआ सामान मिल गया, लेकिन घर के अंदर बिखरी चीजों और पुरानी यादों ने परिवार के जख्म फिर हरे कर दिए।

